छत्तीसगढ़

फारूक अब्दुल्ला बोले, फरमानों से नहीं उड़ सकता, तिरंगा तो दिल में उड़ना चाहिए

नईदिल्ली I जम्मू कश्मीर के श्रीनगर में एक राजनीतिक कार्यक्रम में शिरकत करने के बाद सूबे के पूर्व सीएम और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि वादी में फरमानों से तिरंगा नहीं उड़ सकता है. अब्दुल्ला ने कहा कि यहां दिल में तिरंगा उड़ेगा तभी बात बनेगी.

इसके अलावा उन्होंने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी जम्मू-कश्मीर में संयुक्त रूप से विधानसभा चुनाव लड़ेंगे. ये चुनाव गुपकर घोषणापत्र गठबंधन (पीएजीडी) के तहत लड़े जाएंगे. पीडीपी और नेशनल कॉन्फ्रेंस पीएजीडी के प्रमुख घटक दल हैं.

फारूक ने एक सवाल के जवाब में कहा कि सरकार जब चाहे चुनाव करा सकती है. जब बाढ़ आई थी तब चुनाव हुए थे. अब चुनाव क्यों नहीं हो सकते? सवाल यह है कि वे चुनाव कैसे लड़ना चाहते हैं. उन्होंने आगे कहा कि इस मुल्क को अगर तरक्की करनी है तो केवल मुहब्बत के साथ ही तरक्की की जा सकती है. यह देश विविधताओं से भरा देश है और यह सिर्फ लोकतंत्र के हिसाब से ही चलेगा.

अमरनाथ यात्रा पर क्या बोले फारूक अब्दुल्ला?
अमरनाथ यात्रा के बारे में पूछे जाने पर अब्दुल्ला ने कहा कि कश्मीर के लोगों ने वर्षों से तीर्थ यात्रा का सुचारू संचालन को पूरे दिल से सुनिश्चित किया है. उन्होंने कहा गुफा की खोज करने वाला व्यक्ति कौन था? वह पहलगाम का रहने वाला एक मुसलमान गडरिया था. उन्होंने कहा कि उस गडरिये ने नीचे आकर कश्मीरी पंडितो को बताया था कि हमारे साथ चलिए. मैने कुछ देखा है आप मेरे साथ चलिए.

फारूक अब्दुल्ला ने आगे कहा कि कभी किसी मुसलमान ने किसी धर्म के खिलाफ उंगली नहीं उठाई… हां, 90 के दशक में एक हवा आई थी लेकिन यह हवा हमारी हवा नहीं थी. यह हवा कहीं और से आई थी. उस हवा का खामियाजा आज भी हम भर रहे हैं.