छत्तीसगढ़

असम बाढ़ की स्थिति में सुधार, करीब 14 लाख अब भी प्रभावित, मरने वालों की संख्या पहुंची 180

नईदिल्ली I असम में बाढ़ की स्थिति में सोमवार को सुधार हुआ वहीं प्रभावित लोगों की संख्या पिछले दिन के 18.35 लाख से घटकर करीब 14 लाख हो गई, जबकि एक और व्यक्ति की मौत के साथ ही मरने वालों की संख्या 180 हो गई।

असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) द्वारा जारी दैनिक बाढ़ रिपोर्ट के अनुसार, दिन के दौरान कछार जिले में बाढ़ के कारण व्यक्ति की जान चली गई। इसके अलावा, उसी जिले में एक और व्यक्ति लापता है। सरकारी बुलेटिन में कहा गया है कि इस साल राज्य में बाढ़ और भूस्खलन के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर 180 हो गई है।

एएसडीएमए ने कहा कि बारपेटा, विश्वनाथ, कछार, दरांग, डिब्रूगढ़, हैलाकांडी, होजई, कामरूप, करीमगंज, लखीमपुर, मोरीगांव, नगांव, नलबाड़ी, शिवसागर, सोनितपुर, तामुलपुर और उदलगुरी सहित 21 जिलों में बाढ़ से अब भी 13,71,600 लोग प्रभावित हैं। 

लगभग 6.69 लाख लोगों के साथ कछार सबसे ज्यादा प्रभावित जिला है, इसके बाद नगांव (3.63 लाख लोग) और मोरीगांव (1.79 लाख लोग) हैं। रविवार तक राज्य के 23 जिलों में 18.35 लाख से अधिक लोग बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं।

एएसडीएमए ने कहा कि वर्तमान में, 1,344 गांव पानी में डूबे हुए हैं और पूरे असम में 43,779.12 हेक्टेयर फसल क्षेत्र को नुकसान पहुंचा है। अधिकारी 18 जिलों में 376 राहत शिविर और वितरण केंद्र चला रहे हैं, जहां 41,546 बच्चों सहित 1,55,271 लोगों ने शरण ली है।

राज्य प्रशासन ने पिछले 24 घंटे में 473.82 क्विंटल चावल, दाल और नमक, 901.02 लीटर सरसों का तेल, 812.09 क्विंटल पशु चारा और अन्य बाढ़ राहत सामग्री वितरित की। वहीं बारपेटा, बोंगाईगांव, चराईदेव, धेमाजी, धुबरी, डिब्रूगढ़, गोलाघाट, मोरीगांव, नलबाड़ी, तिनसुकिया और उदलगुरी जिलों में बड़े पैमाने पर कटाव देखा गया है।

दरांग, डिब्रूगढ़, करीमगंज, तामूलपुर, मोरीगांव, बजली, बारपेटा, विश्वनाथ, कछार, धुबरी, हैलाकांडी, कामरूप, लखीमपुर, नलबाड़ी और उदलगुरी में बाढ़ के पानी से तटबंध, सड़कें, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है। साथ ही नौ जिलों में आई बाढ़ से कुल 5,35,941 घरेलू जानवर प्रभावित हुए हैं।

मणिपुर भूस्खलन में पांच और शव निकाले गए, अब तक संख्या हुई 47
मणिपुर के नोनी जिले के तुपुल में एक रेलवे निर्माण में भूस्खलन में मरने वालों की संख्या सोमवार को 47 हो गई वहीं तलाशी और बचाव अभियान के पांचवें दिन मलबे के नीचे से पांच और शव निकाले गए। इसकी जानकारी अधिकारियों ने दी।

मृतकों में एक प्रादेशिक सेना का जवान और चार नागरिक शामिल हैं, अब सेना के जवानों की संख्या 28 और नागरिकों की संख्या 19 हो गई है। हाल के दिनों में पूर्वोत्तर राज्य में आई सबसे भीषण प्राकृतिक आपदा में सेना जवान और नागरिकों की जान चली गई।

सेना, असम राइफल्स, प्रादेशिक सेना, एसडीआरएफ और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल तलाश अभियान में जुटे हैं। प्रवक्ता ने कहा कि खराब मौसम के बावजूद तलाश अभियान जारी है।