छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ : रथ-कांवर यात्रा के लिए कोरोना प्रोटोकाल, केंद्र सरकार से CG के मुख्य सचिव को पत्र, लक्षण वालों को रोकने का भी फरमान

रायपुर I अगले महीने में रथ यात्रा और सावन की कांवर यात्रा पर कोरोना का साया मंडरा रहा है। केंद्र सरकार ने धार्मिक आयोजनों और यात्राओं के दौरान कोरोना संक्रमण फैलने की आशंका व्यक्त की है। इसके लिए राज्य सरकार को जरूरी तैयारी करने का निर्देश दिया गया है। इसके लिए एहतियातन कोरोना के लक्षण वालों को आयोजन से आने से रोकने के भी निर्देश हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव राजेश भूषण ने छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव को एक पत्र भेजा है। इसमें कहा गया है, इस साल की शुरुआत में कोरोना मामलों में उल्लेखनीय कमी देखी गई है। अभी कुछ प्रदेशों और संघ शासित क्षेत्रों में कोरोना के मामले बढ़ते दिख रहे हैं। अगले महीनों में धार्मिक यात्राओं और समारोहों की वजह से भीड़ बढ़ने की संभावना है। इन यात्राओं-समारोहों के दौरान लाखों लोग राज्य के भीतर और बाहर आएंगे-जाएंगे। इस दौरान वे सैकड़ो किलोमीटर की यात्रा करेंगे। कई जगह रुकेंगे जिसकी व्यवस्था कई स्वयंसेवी और सामाजिक-धार्मिक संगठन करने वाले हैं। ऐसी भीड़ से कोविड-19 जैसे संक्रामक रोगों को फैलने में आसानी हो सकती है। ऐसे में जरूरी हो जाता है कि केंद्र और राज्य सरकार ने आपसी सहयोग से जो पाया है उसे खोया न जाए। संक्रमण के खतरे को कम करने के लिए हमे जरूरी कदम उठाने होंगे।

कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए यह निर्देश

  • जहां ऐसी यात्राएं अथवा बड़े आयोजन होने जा रहे हैं वहां लोगों को बताया जाए कि इसमें भाग लेने के लिए असिम्टेमेटिक और पूरी तरह वैक्सीनेटेड होना होगा। यानी जिसमें कोरोना के लक्षण हों वह आयोजन में भाग नहीं ले सकता। जरूरत पड़े तो बुनियादी और प्रिकॉशनरी टीकाकरण का एक अभियान भी शुरू किया जा सकता है।
  • ऐसे आयोजनों से जुड़े लोग, वॉलंटियर, पुलिस, प्रशासन के लोग, स्वास्थ्य कर्मी और फ्रंटलाइन वर्कर्स को भी बिना लक्षणों के होना और पूरी तरह वैक्सीनेटड होना जरूरी किया जाए।
  • बुजुर्गों, हाइपरटेंशन, डायबिटीज, क्रोनिक लंग, क्रॉनिक लीवर, क्रोनिक किडनी की बीमारियों से जूझ रहे लोग अगर ऐसे आयोजन में आना चाह रहे हैं तो उनके लिए एहतियात जरूरी है। उन्हें अपने डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।
  • यात्रा के मार्गों को चिन्हित कर वहां स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। आयोजक और जिला स्वास्थ्य विभाग मिलकर जगह-जगह हेल्थ डेस्क बनाए। वहां कोरोना जांच की भी सुविधा हो। गंभीर मरीजों को रिफर करने और उन्हें दूसरे अस्पताल ले जाने की भी व्यवस्था हाे।
  • प्रशासन की ओर से आयोजन से जुड़े लोगों की मदद से कोरोना के बचाव के उपाय और अनुकूल व्यवहार यानी मास्क आदि का उपयोग करते रहने के प्रति जागरुक किया जाए।
  • यह ध्यान रखा जाए कि यात्रा के पड़ावों पर लोगों के ठहरने की सुविधा खुले अथवा हवादार जगह पर हो ताकि संक्रमण की संभावना कम हो।
  • आयोजकों के साथ मिलकर सुनिश्चित किया जाए कि वहां साफ-सफाई के साथ संक्रमण रोकने वाली दवा का छिड़काव भी समय-समय पर होता रहे।
  • राज्य सरकार अपने अस्पतालों, मानव संसाधन, दवाओं और उपकरणों की समीक्षा कर ले।

सामान्य प्रशासन विभाग ने भेजे निर्देश

सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने बुधवार को केंद्रीय सचिव का यह पत्र सभी विभागों के सचिवों, संभाग आयुक्तों, कलेक्टरों और विभागाध्यक्षों को भेजा है। उन्होंने लिखा है कि, आवश्यक कार्यवाही के लिए संबंधित पत्र भेजा जा रहा है। दो दिन पहले ही सामान्य प्रशासन विभाग ने प्रदेश के सभी हवाई अड्‌डो और अंतरराज्यीय चेक पोस्ट पर कोरोना जांच के आदेश जारी किए थे।