छत्तीसगढ़

पीएम युवाओं को चौकीदार की नौकरी देना चाहते हैं, अग्निपथ स्कीम पर असदुद्दीन ओवैसी का तंज

रांची I झारखंड की राजधानी रांची की मांडर विधानसभा के लिए 23 जून को उपचुनाव होने वाले हैं. इस विधानसभा सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार देव कुमार धान भी चुनाव लड़ रहे हैं जिनका प्रचार करने के लिए एआईएमआईएम (AIMIM) के नेता असदुद्दीन ओवैसी रांची आए. यहां उन्होंने देव कुमार के लिए चुनाव प्रचार किया और कांग्रेस बीजेपी (BJP) पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि देश में अशांति का माहौल बना हुआ है. हर तरफ हिंसा हो रही है. झारखंड में हिंसा के मामले पर ओवैसी ने कहा कि देश के पीएम पहले एक्शन ले लेते तो मुद्दसर और साहिल की जान नहीं जाती. पीएम को नुपूर को बचाना था.

इसके साथ ही उन्होंने इस मामले को लेकर कांग्रेस पर भी हमला किया और कहा कि झारखंड के मुक्ति मोर्चो सरकार ईमानदारी से काम करती तो मुद्दसर और साहिल की जान नहीं जाती हेमंत सोरेन मुद्दसर और साहिल के परिवार से माफी मांगे जिन्होंने इनकी जान ली. उन्होंने कहा कि आप हमारे सिर पर मारिए, हाथ पर मारिए लेकिन दिल पर मत मारिए.

पीएम ने युवाओं के साथ किया मजाक

असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि पीएम के खिलाफ बोल दूं तो रांची एयरपोर्ट से जाने नहीं दिया जाएगा. पीएम से मांग है कि संसद की सत्र बुलाएं. आपसे चर्चा करेंगे. देश के पीएम ने युवाओं की जिंदगी से मजाक किया है. सेना में भर्ती के लिए 4 साल काम करो फिर निकाल दीजिए. देश के पीएम युवाओं को चौकीदार की नौकरी देना चाहते हैं. उन्होंने बीजेपी पर हमला करते हुए कहा कि बीजेपी वालों की देशभक्ति अब कहां गई जब देश के नौजवानों के साथ मजाक किया जा रहा है. अग्निपथ स्कीम वापस लेनी होगी.

देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़

ओवैसी ने कहा कि देश के पीएम आप देश की सुरक्षा से खिलवाड़ कर रहे हैं चीन की सेना भारत में बैठी है, पाकिस्तान से आतंकी आ रहे हैं. मैं नहीं चाहता कि चीन और पाकिस्तान देश के लिए खतरा बने. देश के पीएम झूठ बोल रहे हैं. पीएम जी झूठ बोलना बंद कीजिए. चीन और पाकिस्तान से भारत को खतरा है लेकिन देश के पीएम पैसे बचाने में लगे हुए हैं. वो देश की सुरक्षा नहीं देख रहे हैं. ओवैसी ने देश की अर्थव्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि 8 साल में देश की अर्थव्यवस्था को बर्बाद कर दिया है. 16-17 फीसदी से ज्यादा देश में बेरोजगार हैं. देश के पीएम से सवाल करेंगे तो पकौड़ा बेचने को कहेंगे. मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया पता नहीं क्या-क्या शुरू किया.