छत्तीसगढ़

फांसी की सजा पाये कैदी ने दिया दसवीं का एग्जाम, फर्स्ट क्लास में पास होकर लोगों को चौंकाया

शाहजहांपुर I उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर की अदालत से फांसी की सजा पाए एक कैदी ने यूपी बोर्ड की हाईस्कूल की परीक्षा फर्स्ट क्लास में पास की है. एक अधिकारी ने इसकी जानकारी दी. जिला कारागार शाहजहांपुर के जेल अधीक्षक बीडी पांडेय ने रविवार को बताया कि जिले की एक अदालत ने 5 साल के मासूम बच्चे के हत्‍या के मामले में मनोज नाम के शख्स को फांसी की सजा सुनाई थी. इसके बाद भी मनोज ने जेल से ही पढ़ाई करके हाई स्‍कूल की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की है.

शनिवार को ही उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की हाईस्कूल की परीक्षा का परिणाम घोषित हुआ. जेल अधीक्षक ने बताया कि कैदी मनोज यादव थाना कलान क्षेत्र का रहने वाला है और वह 28 जनवरी 2015 को 5 साल के बच्चे अनमोल की गोली मारकर हत्या करने का दोषी है. इस मामले में 24 नवंबर 2021 को उसे फांसी की सजा सुनाई गयी थी.

फांसी की सजा सुनने के बाद पढ़ाई से मन भर चुका था

उन्होंने बताया कि सजा सुनाए जाने के पहले ही मनोज ने कक्षा 10 का फॉर्म जेल से ही भरा था, लेकिन फांसी की सजा सुनाये जाने के बाद उसने पढ़ना छोड़ दिया. पांडेय ने बताया कि हमने उसे लगातार मन लगाकर पढ़ाई के लिए प्रेरित किया और फिर उसने पढ़ाई की और 64 प्रतिशत अंक लाकर प्रथम श्रेणी में परीक्षा पास कर ली. पांडेय ने बताया कि मनोज को पढ़ाई के लिए किताबों की व्यवस्था जेल अधीक्षक ने ही कराई और समय-समय पर उससे मिलकर पढ़ाई के संबंध में जानकारी भी हासिल करते रहे.

कल घोषित हुए 10वीं और 12वीं के नतीजे

यूपी बोर्ड कक्षा 10वीं (10th) और 12वीं (12th) का परिणाम कल घोषित कर दिया गया था. ठीक 2 बजे अपने निर्धारित समय पर परिणाम जारी किया गया. उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) ने एक दिन पहले ही पुष्टि कर दी थी कि यूपी बोर्ड रिजल्ट्स 18 जून को जारी होंगे. इस साल, यूपी बोर्ड कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में 51,92,689 छात्रों ने दाखिला लिया और उनमें से 47,75,749 ने परीक्षा दी. केवल 10वीं के छात्रों की बात करें तो वर्ष 2022 में हाई स्कूल परीक्षा में कुल 27,81,645 उम्मीदवार पंजीकृत थे, जिनमें से 25,20,634 परीक्षा में शामिल हुए थे.