छत्तीसगढ़

क्रूज ड्रग्स केस में NCB की जांच पर वरिष्ठ वकील उज्ज्वल निकम ने उठाए सवाल, कहा- जज कैसे बन सकती है एजेंसी?

मुंबई I मुंबई में क्रूज ड्रग्स केस को लेकर वरिष्ठ वकील उज्ज्वल निकम ने कई सवाल खड़े किए हैं. वरिष्ठ वकील उज्ज्वल निकम ने कहा कि आर्यन खान को क्लीन चिट देने के बाद एनसीबी (NCB) की जांच पर सवाल उठते हैं. साथ ही जिस तरह मामले की जांच हुई अगर कानून की नजर से देखें तो ये ऑब्जेक्शनेबल है. 

दरअसल, NCB ने बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को क्रूज पर ड्रग्स मिलने के मामले में शुक्रवार को क्लीन चिट दे दी. वकील उज्जवल निकम ने इसी पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि, जज का रोल जांच एजेंसी कैसे अदा कर सकती है? उन्होंने सवाल करते ये भी पूछा कि, एनसीबी की एसआइटी टीम को कोर्ट का निर्णय देने का अधिकार है? वकील ने ये भी कहा कि, जांच में गलतियां कैसे हुई ये भी देखने का विषय है.

समीर वानखेड़े पर दिया वकील ने ये जवाब

वहीं, जब उनसे पूछा गया कि क्या जांच अधिकारी समीर वानखेड़े की मुसीबते बढ़ सकती हैं जिस पर उन्होंने जवाब देते हुए कहा मुझे ये सब नहीं पता. मेरा कहना बस ये है कि जिस तरह एजेंसी काम कर रही है ये कानून की नजर से ठीक नहीं. दरअसल, मुंबई क्रूज ड्रग्स केस में बॉलीवुड एक्टर शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को क्लीन चिट दी गई है. एनसीबी की तरफ से शुक्रवार को दायर चार्जशीट में आर्यन खान का नाम शामिल नहीं है. केवल 14 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया गया है, आर्यन समेत 6 लोगों को सबूत न मिलने के कारण छोड़ दिया गया है. 

पिछले साल आयर्न खान को किया था गिरफ्तार

बता दें, आर्यन खान को मुंबई क्रूज ड्रग्स केस में सिलसिले में पिछले साल गिरफ्तार किया गया था. मामले में आर्यन खान के अलावा 19 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था. दो को छोड़कर सभी आरोपी फिलहाल जमानत पर बाहर हैं. एनसीबी ने एक बयान में कहा ‘गुप्त सूचना के आधार पर एनसीबी-मुंबई ने 2 अक्टूबर, 2021 को विक्रांत, इश्मीत, अरबाज, आर्यन और गोमित को इंटरनेशनल पोर्ट टर्मिनल, मुंबई पोर्ट ट्रस्ट पर जबकि नूपुर, मोहक और मुनम को कॉर्डेलिया क्रूज पर पकड़ा था. आर्यन और मोहक को छोड़कर सभी आरोपियों पास से मादक पदार्थ मिले थे.’

एनसीबी ने कहा, ‘शुरुआत में, एनसीबी-मुंबई ने मामले की जांच की. बाद में, मामले की जांच के लिये नयी दिल्ली में एनसीबी मुख्यालय की तरफ से संजय कुमार सिंह, डीडीजी (संचालन) की अध्यक्षता में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया. 11 नवंबर, 2021 को मामले की जांच एसआईटी ने अपने हाथ में ले ली थी.’