छत्तीसगढ़

किरण रिजिजू ने राजद्रोह कानून को लेकर राहुल गांधी पर किया पलटवार, पूछा- कांग्रेस ने अपना इतिहास चेक किया?

नईदिल्ली I राजद्रोह कानून पर सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है. इस फैसले का कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने स्वागत किया. साथ ही इसी बहाने मोदी सरकार को भी निशाने पर लिया. उनके बयान पर केंद्रीय कानून मंत्री किरण रिजिजू ने पलटवार किया है.

कानून मंत्री ने एक के बाद एक कई ट्वीट कर कांग्रेस और गांधी परिवार पर निशाना साधा. उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि भारतीय इतिहास में इंदिरा गांधी सरकार ने धारा 124ए को सबसे पहले संज्ञेय अपराध बनाया था. साल 1973 में इस नए दंड प्रक्रिया संहिता को बनाया गया जिसे 1974 में लागू किया गया. क्या कांग्रेस ने अपने पिछले कार्यों की जाँच की है?

केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने अपने एक अन्य ट्वीट में लिखा कि जब अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कुचलने की बात आती है, तो श्रीमती इंदिरा गांधी जी स्वर्ण पदक विजेता हैं! आपातकाल के बारे में तो हम सभी जानते हैं लेकिन क्या आप यह भी जानते हैं कि उन्होंने 50 से अधिक बार अनुच्छेद 356 लगाया था! वह हमारे तीसरे स्तंभ न्यायपालिका को कमजोर करने के लिए “प्रतिबद्ध न्यायपालिका” के विचार के साथ आई थी!

किरण रिजिजू यहीं नहीं रुके उन्होंने राहुल गांधी के ट्वीट का भी जवाब दिया. राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर कहा था, ”सच बोलना देशभक्ति है, देशद्रोह नहीं. सच कहना देश प्रेम है, देशद्रोह नहीं. सच सुनना राजधर्म है, सच कुचलना राजहठ है. डरो मत!”

राहुल गांधी के इस ट्वीट पर रिजिजू ने कहा, ”अगर कोई एक पार्टी है जो स्वतंत्रता, लोकतंत्र और संस्थानों के सम्मान की विरोधी है, तो वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस है. यह पार्टी हमेशा भारत को तोड़ने वाली ताकतों के साथ खड़ी रही है और भारत को विभाजित करने का कोई मौका नहीं छोड़ा है.”

कानून मंत्री ने कांग्रेस सरकार कर हमला करते हुए लिखा कि यूपीए सरकार का देशद्रोह के मामले दर्ज करने का सबसे खराब ट्रैक रिकॉर्ड रहा है. उन्होंने यूपीए के कार्यकाल में देशद्रोह को लेकर दर्ज हुए मामलों पर निशाना साधते हुए लिखा कि 2012 में ‘रिकाउंटिंग मिनिस्टर’ पी. चिदंबरम की चौकस निगाहों में हजारों लोगों के खिलाफ देशद्रोह के मामले दर्ज किए गए थे. किरण रिजिजू ने अपने अगले ट्वीट में अन्ना आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि अन्ना आंदोलन और अन्य भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलनों के दौरान भी, जो यूपीए की लाइन पर नहीं चल रहे थे, उन्हें बदमाशी, उत्पीड़न, धमकी और गिरफ्तारियों के अधीन किया गया था. यह सब कुछ यूपीए की चौकस निगरानी में हुआ था!

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार हमेशा भारत की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा करेगी. हमारी सरकार संविधान में निहित मूल्यों की भी रक्षा करेगी. कांग्रेस पार्टी और उसके टुकड़े-टुकड़े गैंग और इसके इको-सिस्टम को दूसरों को उपदेश देने का कोई अधिकार नहीं है.