छत्तीसगढ़

EXCLUSIVE RAIGARH: जंगल में जुआ..सबको दिखता है मगर पुलिस को नहीं दिखता… छाल के जंगलों में चल रहा दारु मुर्गा और 52 परियों का खेल… बिरयानी ₹200 प्लेट…देखें VIDEO

रायगढ़/ कोरबा. पलगड़ा की पहाड़ियों के बीच रात में 52 परियों की महफिल जम कर सजती है। बताया जा रहा है कि यहां बाकायदा जनरेटर लगाकर दारू मुर्गा और बकरा भात बीड़ी सिगरेट के साथ सिंडिकेट जुआ खिलाया जा रहा है । सब कुछ हो रहा है पुलिस प्रशासन की नाक के नीचे, जो सबको दिखता है मगर पुलिस को नहीं दिखता… शासन ने सख्त लहजे में जुआ- सट्टा और अवैध कारोबारियों पर नकेल कसने के निर्देश दिए थे, बावजूद इसके रायगढ़ जिले के छाल थाना क्षेत्रांतर्गत बिहड़ जंगल में टेंट लगाकर दारु, मुर्गा, बकरा भात के साथ दोपहर 3:00 बजे से रात 11:00 बजे तक शराब शबाब और 52 परियों की महफिल सजाई जाती है.

संयोग या समीकरण….

सूत्र बताते हैं कि, पहले भी जब साहब कोरबा जिले में थे. तब भी रामपुर विधानसभा क्षेत्र के करतला ब्लॉक में बड़े पैमाने पर सिंडिकेट जुआ खिलाया जा रहा था. यह महज इत्तफाक भी हो सकता है कि, अभी साहब रायगढ़ जिले में हैं और कोरबा के हिस्ट्रीशीटर जुआरियों, कबाड़ियों की सक्रियता रायगढ़ जिले में बनी हुई है. यह भी संयोग मात्र हो सकता है कि करतला की ही तरह छाल थाना क्षेत्रांतर्गत जंगल में टेंट लगाकर बड़े पैमाने पर सिंडिकेट जुआ खिलाया जा रहा है !

छाल के जंगलों में दारु, मुर्गा और बकरा भात… पुलिस पेट्रोलिंग या प्रोटेक्शन !!!
जुआ भी ऐसा जहां दारु, मुर्गा और बकरा भात का पूरा इंतजाम होता है. बकायदा जंगल के मुख्य मार्ग में जुआरियों को फड़ तक पहुंचाने के लिए आदमी तैनात रहते हैं. फड़ में बकायदा टेंट और जनरेटर लगाकर धूम्रपान,दारु, मुर्गा, बकराभात की समुचित व्यवस्था जुआ गैंग द्वारा की जाती है. लोगों की मानें तो कल भी जुआरियों की महफ़िल रोज की तरह ग्राम पुरूँगा थाना छाल जिला रायगढ़ के बीहड़ों में सजी थी। कहा जाता है कि, यह खेल तमाशा दोपहर 2:00 से 3:00 के बीच रोजाना शुरू होता है, जो रात के 11:00 बजे तक निर्बाध रूप से चलता रहता है. ग्रामीणों ने डरते सहमते बताया कि, एक तरफ धर्मजयगढ़ थाना है दूसरी तरफ छाल थाना ! वहीं पुलिस गाड़ी पेट्रोलिंग भी करती रहती है क्योंकि इस वनाच्छादित क्षेत्र में जंगली हाथियों का आतंक बना रहता है, वहीं कुछ ग्रामीणों का कहना है संभवत: पुलिस पेट्रोलिंग के माध्यम से जुआरियों को पुलिस प्रोटेक्शन प्रदान किया जाता है.

हर सेवा का शुल्क… बिरयानी ₹200 प्लेट
जंगल में चल रहे इस महफिल में हर सेवा का शुल्क भी निर्धारित है. बकायदा रेट लिस्ट लगाकर बिरयानी ₹200 प्लेट बेची जाती है तो दूसरी ओर एक डिस्पोजेबल की कीमत ₹10 निर्धारित है. फ़ड़ में इंट्री शुल्क भी एक से दो हजार रुपए निर्धारित है. सूत्र बताते हैं कि, इंट्री शुल्क के संबंध में बकायदा जुआरियों को समझाया जाता है कि यह पुलिस का सुविधा शुल्क है. बात यहीं खत्म नहीं होती जुआरियों से जीती हुई रकम का 10 परसेंट नाल फड़ संचालक हिस्ट्रीशीटर कुख्यात जुआरी कबाड़ी द्वारा वसूला जाता है.

कोरबा जिले में महिला सरपंच के नेतृत्व में लाठी-डंडे से लैस होकर ग्रामीणों ने खदेड़ दिया था इस जुआ गैंग को… देखें वीडियो

हम सूत्रों से प्राप्त इस वीडियो की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करते लेकिन पूर्व में कोरबा जिले के करतला ब्लॉक में ग्रामीणों ने महिला सरपंच के नेतृत्व में मिलकर लाठी डंडे के साथ इसी प्रकार जंगल में संचालित जुए की फड़ का विरोध किया था. बकायदा महिला सरपंच के नेतृत्व में इंकलाब की आवाज बुलंद की गई थी. गांव के युवाओं को बचाने ग्रामीणों ने हाथों में लाठी डंडा लेकर जुआरियों को खदेड़ दिया गया था. क्योंकि उन्हें युवाओं के भविष्य की चिंता थी गांव की चिंता थी और गांव में अमन चैन कायम रहे कानून का राज बना रहे इसलिए इंकलाब के नारों के साथ कानून हाथ में लिया गया था. अब ऐसे ही प्रयास की जरूरत आज रायगढ़ जिले में हाटी, छाल और धर्मजयगढ़ क्षेत्र में महसूस की जा रही है. शासन प्रशासन को चाहिए कि हालात बेकाबू हो और लोगों का विरोध सड़कों पर आ जाए उसके पहले इन अवैध गतिविधियों पर विराम लगाया जाए.