छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़: शिक्षकों की हड़ताल में सनी देओल का अंदाज, फिल्मी डायलॉग में बताया दर्द, गाया गाना- ए हमर कका रे, सहायक शिक्षक को भूल नहीं जाना रे..

रायपुर। रायपुर में सोमवार की दोपहर बिलासपुर, गरियाबंद, कवर्धा, बेमेतरा, दुर्ग जैसे आसपास के कई जिलों से 2 हजार से अधिक सहायक शिक्षक पहुंचे। इन सभी ने पिछले दो सप्ताह से स्कूलों में पढ़ाने का काम बंद कर रखा है। ये चाहते हैं कि सरकार इनकी वेतन विसंगति को दूर करे और इनकी आर्थिक परेशानी को दूर करे। इन्हीं मांगों को लेकर ये शिक्षक धरना स्थल पर पहुंचे।

धरना स्थल पर मौजूद भीड़।
धरना स्थल पर मौजूद भीड़

महिला शिक्षिका ने एक गीत गाया- भूपेश कका, सहायक शिक्षक मन ल भूल नहीं जाना रे। इनके बाद कवर्धा से आए एक शिक्षक ने सनी देओल के अंदाज में कहा- कात्या तू क्या चाहता है मैं तेरे इशारे पर भौकूं काटूं, ये नहीं चलेगा कात्या। ये डायलॉग सुनकर भीड़ में बैठी महिलाएं तालियां बजाने लगीं। दोपहर बाद शिक्षकों ने एक रैली भी निकाली। शिक्षकों का कहना है कि इनकी ये हड़ताल जारी रहेगी जब तक सरकार इनकी बात सुन नहीं लेती।

वेतन विसंगति जिसे दूर करने की हो रही मांग
शिक्षकों ने बताया कि हर सरकारी कर्मचारी का एक तय समय सीमा में प्रमोशन होता है। शिक्षक वर्ग तीन से वर्ग दो में प्रमोट किए जाते हैं। यदि प्रमोशन मिलता है तो 10 से 12 हजार रुपए अधिक वेतन में जुड़ते हैं। नियम ये है कि यदि प्रमोशन नहीं होता तो कर्मचारी को सरकार उस प्रमोशन के स्तर का वेतन देती है।

पूरे प्रदेश से शिक्षक रायपुर पहुंचे।
पूरे प्रदेश से शिक्षक रायपुर पहुंचे

शिक्षकों का दावा है कि बहुत से कर्मचारियों को न प्रमोशन मिला है न प्रमोशन के स्तर का वेतन। सभी चाहते हैं कि इस मांग पर गौर किया जाए। इसके अलावा शिक्षाकर्मियों का शिक्षा विभाग में संविलियन किया गया। साल 2018 के संविलियन के बाद से पुराने कर्मचारियों को भी साल 2018 से ही कर्मचारी माना जा रहा है। इससे पेंशन और सीनियारिटी का फायदा शिक्षकों को नहीं मिल रहा।