छत्तीसगढ़

बिलासपुर: शातिर नाबालिग चोर ने दुकान से चुराए 1.8 लाख रुपए, फिर पुराने मामले में किया सरेंडर; पुलिस पहुंची तो बाल संप्रेक्षण गृह में मिला

दुकान से चुराए 1.8 लाख रुपए, फिर पुराने मामले में किया सरेंडर; पुलिस पहुंची तो बाल संप्रेक्षण गृह में मिला|बिलासपुर,Bilaspur - Dainik Bhaskar

चोरी के आरोपी के साथ पुलिस थानेदार व पुलिसकर्मी

बिलासपुर। एक शातिर नाबालिग चोर की कहानी असली है, पर पूरी फिल्मी है। दुकान में हुई एक चोरी मामले में CCTV फुटेज में दिखे आरोपी को पुलिस तलाश कर रही थी। उसकी तलाश करते पुलिस बाल संप्रेक्षण गृह पहुंची तो हैरान रह गई। वह पहले से ही अंदर बंद था। इस पर पुलिस ने उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की तो सारा मामला खुला। पता चला कि आरोपी ने एक पुराने केस में दूसरे थाने में सरेंडर कर दिया था। पुलिस ने चोरी के 44 हजार रुपए व मोबाइल के साथ उसके मामा को भी गिरफ्तार कर लिया है। 

दरअसल, सिविल लाइन क्षेत्र के कंपनी गार्डन के पास स्थित सोम चश्मा और तड़का रेस्टोरेंट में 17 अक्टूबर की रात चोरी हुई थी। चोरों ने दुकान का गल्ला तोड़ कर 1.80 लाख रुपए व मोबाइल पार किया था। पुलिस को चोरी का CCTV फुटेज हाथ लगा था। इसमें एक आरोपी युवक का चेहरा दिखाई दिया। इस आधार पर पुलिस ने उसकी पहचान की और तलाश शुरू की। इस दौरान पता चला कि आरोपी नाबालिग है और पहले भी चोरी के मामलों में जेल जा चुका है। वह सरकंडा क्षेत्र के चिंगरापारापारा में रहता है।

घर पहुंची पुलिस, तो पता चला बंद है बाल संप्रेक्षण गृह में 

पुलिस ने उसके घर में दबिश दी। तब पता चला कि वह सरकंडा के लोधीपारा में हुई चोरी के पुराने मामले में बाल संप्रेक्षण गृह में है। यह जानकर पुलिस हैरान रह गई। पुलिस ने बाल न्यायालय से अनुमति लेकर नाबालिग को रिमांड पर लिया और पूछताछ की। इस पर उसने चश्मा दुकान में चोरी की बात स्वीकार कर ली। बताया कि कुछ रकम खर्च कर दी है, बाकी 40 हजार रुपए चिंगराजपारा निवासी अपने मामा श्रवण साहू के पास रखवा दिए। इसके बाद पकड़े जाने के डर से उसने 18 अक्टूबर को सरकंडा थाने में सरेंडर कर दिया। 

पेंट दुकान में की थी चोरी 
तोरवा टीआई शनिप रात्रे ने बताया कि आरोपी नाबालिग आदतन चोर है। पहले भी वह चोरी के प्रकरण में बाल संप्रेक्षण गृह जा चुका है। तीन अक्टूबर को उसने अपने नाबालिग दोस्त के साथ मिलकर गोंड़पारा निवासी राजेंद्र छाबड़ा की सरकंडा के लोधीपारा में पेंट की दुकान में चोरी किया था। सरकंडा पुलिस इस मामले के अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी थी। नाबालिग आरोपी फरार था। फरारी में ही उसने चश्मा दुकान में चोरी किया। फिर दूसरे दिन पुलिस को गुमराह करने के लिए सरकंडा थाने में समर्पण कर दिया था।