छत्तीसगढ़

‘मर्डर-2’ देख मर्डर की प्लानिंग: बच्चे के लिए कॉलगर्ल की बलि, तांत्रिक के पास ले जाते समय लाश बाइक से गिरी तो भागे

आरोपी बेटू की बहन मीरा राजावत और उसका दोस्त नीरज परमार।

ग्वालियर। बच्चे के लिए कालगर्ल की बलि देने का मामला सामने आया है। यहां शादी के 18 साल बाद भी बच्चे न होने पर आरोपी बेटू भदौरिया ने बहन और उसके बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर एक तांत्रिक के इशारे पर कॉलगर्ल की हत्या कर दी थी। मर्डर का आइडिया मर्डर-2 मूवी से मिला था।

वारदात को अंजाम देते समय आरोपियों ने सोचा कि कॉलगर्ल को बुलाकर उसकी बलि दे देंगे। कोई पूछताछ भी नहीं करेगा और पुलिस कुछ दिन जांच करने के बाद भूल जाएगी, लेकिन कॉलगर्ल की कॉल डिटेल और CCTV फुटेज ने मर्डर मिस्ट्री को सुलझा दिया।

ममता भदौरिया और बेटू भदौरिया

तांत्रिक के कहने पर हत्या की योजना बनाई
बच्चे की चाह में दंपती तांत्रिक के जाल में फंस गया और हत्या का ताना-बाना बुना। कॉलगर्ल की हत्या कर आरोपी बेटू की बहन मीरा राजावत और उसका बॉयफ्रेंड नीरज परमार लाश तांत्रिक के पास ले जा रहे थे, पर लाश बाइक से गिर गई। इसके बाद दोनों लाश को छोड़कर भाग गए थे।

पुलिस ने दंपती, मीरा राजावत और उसके बॉयफ्रेंड नीरज परमार के अलावा तांत्रिक गिरवर यादव को भी गिरफ्तार कर लिया है। घटना का मास्टरमाइंड नीरज परमार है। उसने और बेटू ने मिलकर कॉलगर्ल की हत्या की। तांत्रिक ने शरद पूर्णिमा पर बलि देने का कहा था।

सड़क किनारे पड़ा मिला था महिला का शव
ग्वालियर में गुरुवार सुबह हजीरा के IIITM कॉलेज के पास मुरैना रोड पर महिला का शव सड़क किनारे पड़ा मिला था। गर्दन पर गला दबाने और कसने के निशान थे। महिला की पहचान आरती उर्फ लक्ष्मी मिश्रा (40) निवासी हजीरा के रूप में हुई थी। 12 साल पहले ही उसका पति से तलाक हो चुका था। पति ने तलाक की वजह उसका चाल-चलन ठीक न होना बताया था।

महिला के कुछ समय से किसी ऑटो ड्राइवर के साथ लिव इन में रहने का भी पता लगा। पुलिस जांच कर रही थी कि उसके कॉल डिटेल से कई राज खुल गए। पता लगा कि वह एक कॉलगर्ल थी। इसके बाद पुलिस ने जांच इस एंगल पर मोड़ा। 24 घंटे में CSP महाराजपुरा रवि भदौरिया, TI हजीरा आलोक सिंह परिहार की टीम ने मामले का खुलासा कर दिया।

तांत्रिक गिरवर यादव। इसी ने हत्या के लिए उकसाया।

तांत्रिक गिरवर यादव। इसी ने हत्या के लिए उकसाया।

शादी को 18 साल, बच्चा नहीं
ममता भदौरिया और बेटू भदौरिया निवासी मोतीझील की शादी को 18 साल हो गए हैं। बेटू को एक बच्चे की चाह थी। उसने कई हकीम, डॉक्टर और बाबाओं का सहारा लिया, लेकिन घर में किलकारी नहीं गूंजी। इस पर बेटू ने अपनी बहन मीरा राजावत से बात की। उसने अपने दोस्त नीरज परमार को पूरी बात बताई।

नीरज ने सभी को बताया कि वह मुरैना सरायछोला निवासी तांत्रिक गिरवर यादव को जानता है। वह यह काम चुटकी में कर सकता है। इसके बाद गिरवर से मुलाकात हुई तो उसने एक जान के बदले एक जान मांगी। मतलब घर में बच्चा चाहिए तो एक बलि देना पड़ेगी।

मूवी देखकर मिला आइडिया
बलि के लिए आइडिया इमरान हाशमी और जैकलीन की मर्डर-2 मूवी से लिया गया। मूवी में एक सीरियल किलर घर बुलाकर कॉलगर्ल की हत्या कर देता था। कॉलगर्ल का कोई रिश्तेदार नहीं होता था, इसलिए पुलिस मामलों को सुलझा नहीं पा रही थी। इसी तरह नीरज ने प्लान बनाया।

पकड़े जाने के बाद उसने पूरी कहानी का खुलासा किया कि उसने कहीं से नंबर लेकर आरती को बुधवार रात मिलने बुलाया। उसे 10 हजार रुपए में बुक किया था। इसके बाद बेटू भदौरिया उसे लेकर मोतीझील पहुंचा। यहां बेटू और नीरज ने मिलकर उसकी हत्या कर दी।

इसके बाद उनको हजीरा में रह रहे तांत्रिक को बलि के फोटो दिखाने थे। मोबाइल में फोटो खींचे, लेकिन बाद में पकड़े जाने के डर से डिलीट कर दिए। इसके बाद तय किया कि लाश को जिंदा बनाकर ले जाएंगे और तांत्रिक को दिखाकर वहीं फेंक देंगे।

बाइक से गिरी लाश, छोड़कर भागे
रात 11 बजे नीरज और मीरा बाइक पर आरती की लाश को बीच में बैठाकर हजीरा तांत्रिक के घर जाने के लिए निकले थे। रास्ते में IIITM कॉलेज के पास अचानक बाइक का नियंत्रण बिगड़ा तो बीच में आरती की लाश सड़क पर गिर पड़ी। इस पर दोनों घबरा गए। वहां से कुछ लोग भी निकल रहे थे। इस पर वे बाइक को आगे बढ़ाकर भाग गए।