छत्तीसगढ़

KORBA कोर्ट का बड़ा फैसला : भाजपा को शिकस्त… याचिका खारिज…बरी हुए महापौर…पढ़ें पूरी खबर

कोरबा। जिला एवं सत्र न्यायालय ने कोरबा महापौर राज किशोर प्रसाद को बड़ी राहत देते हुए जाति प्रमाण पत्र मामले में प्रस्तुत याचिका को खारिज कर दिया है. विदित हो कि, भाजपा के तत्कालिक जिलाध्यक्ष अशोक चावलानी ने निगम चुनाव के बाद महापौर राज किशोर प्रसाद के जाति प्रमाण पत्र को अवैधानिक बताते हुए उसे न्यायालय में चुनौती दी थी और उनके निर्वाचन को अवैध बताया था. जिसपर फैसला देते हुए जिला सत्र न्यायालय ने 2 सालों से चल रहे इस वाद को खारिज कर दिया है l इसके साथ ही महापौर राजकिशोर प्रसाद को एक बड़ी राहत पहुंचाई है l

उल्लेखनीय है कि, वर्तमान महापौर राज किशोर प्रसाद ने पिछला नगर निगम का चुनाव ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित सीट से लड़ा था। जिसके बाद इसी वर्ग (OBC) के लिए आरक्षित सीट पर महापौर निर्वाचित हुए । महापौर को पूर्व में अन्य राज्य से जाति प्रमाण पत्र जारी किया गया था लेकिन छत्तीसगढ़ में उसके अमान्य होने के कारण आनन-फानन में छत्तीसगढ़ से जाति प्रमाण पत्र बनवाया गया था।

वादी जिला भाजपा के पूर्व अध्यक्ष अशोक चावलानी का कहना है कि महापौर को छत्तीसगढ़ से जारी जाति प्रमाण पत्र अवैधानिक है। जिसे चुनौती देते हुए उन्होंने महापौर के निर्वाचन को शून्य करने की मांग की थी. लगभग 2 साल के बाद शनिवार को जिला एवं सत्र न्यायालय में उनके बाद पर सुनवाई हुई और उसे खारिज कर दिया गया। हालाकी भाजपा की महापौर प्रत्याशी सुश्री रितु चौरसिया की ओर से प्रस्तुत एक अन्य वाद अभी भी जिला एवं सत्र न्यायालय में लंबित है l लेकिन इस फैसले के बाद जाति प्रमाण पत्र मामले में महापौर को बड़ी राहत मिली है l

अब देखना है कि सियासत किस करवट बैठती है जहां एक और इस फैसले से महापौर राज किशोर प्रसाद के समर्थकों में हर्ष व्याप्त है वही भाजपा को करारी शिकस्त मिली है ! देखना है कि क्या भाजपा और पूर्व जिलाध्यक्ष मामले को लेकर इस फैसले के विरुद्ध अब हाईकोर्ट का रुख अख्तियार करते हैं या महापौर राज किशोर प्रसाद अब निष्कंटक नगर निगम के सिंहासन पर बैठकर चैन की बंसी बजाएंगे !