छत्तीसगढ़

CBI ने महंत के पुतले को फांसी पर लटकाया: पंखे पर नॉयलान की रस्सी से 85 किलो का पुतला लटकाकर सेवादारों से 3 बार उतरवाया, बलवीर गिरि से एक घंटे पूछताछ

प्रयागराज। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की मौत की जांच के लिए पहुंची CBI ने बाघंबरी गद्दी मठ के कमरे में घटना का 3 बार रिक्रिएशन किया। CBI ने नॉयलान की रस्सी से महंत के वजन के बराबर 85 किलो के पुतले को लटकाकर सेवादारों से 3 बार उतरवाया। पूरी घटना की वीडियोग्राफी भी कराई गई। CBI ने बलवीर गिरि से भी एक घंटे तक पूछताछ की। बलवीर ने CBI को बताया कि उस दिन वह महंत के कमरे में नहीं था। वीडियो में जो संत उनकी तरह दिख रहे हैं, वे अमर गिरि थे।

रिक्रिएशन से CBI यह पता करना चाहती है कि क्या इतनी पतली रस्सी 85 किलो का भार उठा सकती है? इसके अलावा CBI यह भी पता लगाना चाहती है कि महंत नरेंद्र गिरि के गले में बना हुआ वी शेप का निशान उसी रस्सी का है या नहीं? सेवादारों से मौके पर CBI ने यह भी पता किया कि क्या शव को उस तरह फांसी से उतारना संभव है, जैसा उन्होंने बताया था। जांच एजेंसी अब उनके बयानों का विश्लेषण करेगी।

महंत का शव उतारने वाले सेवादार सुमित का मोबाइल जब्त
CBI ने महंत का शव उतारने वाले सेवादार सुमित का मोबाइल जब्त कर लिया है। शनिवार को पहली बार CBI के IG विप्लव चौधरी और ASP केएस नेगी टीम के साथ बाघंबरी मठ पहुंचे थे। जांच एजेंसी ने पूरे मठ का मुआयना किया। टीम ने एक-एक कमरे की तलाशी ली। यहां तक कि टीम मठ की छत पर भी गई। इसके बाद टीम ने कागज पर मठ का खाका खींचा। सूत्रों के मुताबिक, 3 घंटे की पूछताछ में कई अहम सुराग हाथ लगे हैं।

अल्लापुर में बाघंबरी गद्दी मठ में पूछताछ करती सीबीआई की टीम।

अल्लापुर में बाघंबरी गद्दी मठ में पूछताछ करती सीबीआई की टीम।

CBI की 20 सदस्यीय टीम ने मठ खंगाला 
महंत नरेंद्र गिरि की मौत के रहस्य को सुलझाने के लिए CBI ने प्रयागराज में डेरा डाला है। शनिवार को CBI की 20 सदस्यीय टीम ने पहले अधिकारियों के साथ पुलिस लाइन में बैठक की और बाद में शाम 4 बजे बाघंबरी गद्दी मठ पहुंची। टीम शाम 4 बजे से 7 बजे तक मठ के अंदर ही रही और केस की गहन छानबीन की। इस दौरान मठ के अंदर से किसी को न तो बाहर जाने दिया गया और न ही आने दिया गया।

एक-एक खिड़की और दरवाजे की हुई वीडियोग्राफी 
CBI की टीम ने हर एक कमरे की गहनता से जांच की। खासकर उस कमरे के बाहर से एक-एक दरवाजे और खिड़कियों की पडताल की गई, जिसमें महंत का शव पाया गया था। जांच एजेंसी ने यह देखने का प्रयास किया कि कमरे में कितने दरवाजे और खिड़कियां हैं।

महंत नरेंद्र गिरि ने गेस्ट हाउस के जिस कमरे में कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी, उसमें दो दरवाजे हैं। CBI की 3 अलग-अलग टीमों ने मामले की गहनता से पड़ताल की। टीमों में बंटे दल ने 3 घंटे तक छानबीन की।

पुलिस लाइन से बाघंबरी गद्दी मठ के लिए निकलता सीबीआई का जांच दल।

पुलिस लाइन से बाघंबरी गद्दी मठ के लिए निकलता सीबीआई का जांच दल।

सेवादारों और रसोइए से 2 घंटे हुई पूछताछ
CBI ने शनिवार को महंत की लाश को फंदे से उतारने का दावा करने वाले सेवादार सुमित सहित मठ के अन्य शिष्यों एक-एक कर पूछताछ की है। सबसे ज्यादा देर तक पूछताछ उस रसोइए से की गई, जो मठ का भोजन तैयार करता था और नरेंद्र गिरि को भोजन कराता था। पूछताछ के पीछे जो कारण बताया जा रहा है वह यह है कि जिस दिन नरेंद्र गिरि की मौत हुई थी उस दिन कमरे में सल्फास की एक डिब्बी पाई गई थी और कुछ गोलियां फर्श पर बिखरी पड़ी थीं।

CBI ने सेवादार सेवादार बबलू, सुमित और धनंजय से भी अलग अलग करीब 2 घंटे तक पूछताछ की। CBI बबलू को अपने साथ लेकर महंत के उस कमरे के बाहर ले गई, जहां उन्होंने कथित तौर पर आत्महत्या की थी। सीबीआई ने मठ की पहली मंजिल पर बने कमरों, छतों और पार्किंग स्थल भी देखा।

सीबीआई की टीम ने मठ की छतों और कमरों की भी जांच की।

सीबीआई की टीम ने मठ की छतों और कमरों की भी जांच की।

महंत की डेथ मिस्ट्री में मिठाई का ट्विस्ट
महंत नरेंद्र गिरि ने जिस कमरे में कथित तौर पर सुसाइड किया था, उसकी मेज पर एक मिठाई का थैला और खाली डिब्बा मिला था। जिस पर अलवर, राजस्थान लिखा हुआ था। आनंद गिरि भी राजस्थान का रहने वाला है। दरअसल मठ के लोगों के मुताबिक हाल फिलहाल महंत से मिलने राजस्थान से कोई नहीं आया था। ऐसे में उनके पास अलवर का नया झोला कहां से आ गया? झोला अलवर के मशहूर बाबा स्वीट की है जो कलाकंद की मिठाइयों के लिए जानी जाती है।

पुलिस को झोले में मिठाई का कोई डिब्बा नहीं मिला था। सीबीआई की जांच में यह तथ्य भी जांच के दायरे में है कि यह मिठाई का झोला कौन राजस्थान से लेकर आया था। इस बैग का आनंद गिरि से क्या कनेक्शन है?

20 सितंबर को फंदे पर लटका मिला था नरेंद्र गिरि का शव
महंत नरेंद्र गिरि की 20 सितंबर को मौत हुई थी। उनका शव मठ के एक कमरे में फंदे पर लटका मिला था। 11 पन्नों का सुसाइड नोट भी मिला था। इसमें उनके शिष्य आनंद गिरि, लेटे हनुमान मंदिर के प्रमुख पुजारी आद्या तिवारी और उनके बेटे संदीप तिवारी का जिक्र था। तीनों को मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया गया था। फिलहाल तीनों जेल में हैं।