छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़: कोरोना से 51 वकीलों की मौत, सरकार ने हाईकोर्ट में पेश किया एफिडेविट, कहा- प्रभावित परिवारों को 90 दिनों में मुआवजा देने का करेंगे प्रयास

राज्य सरकार ने अपने शपथ पत्र में प्रभावित परिवारों को 90 दिनों के अंदर मुआवजा देने की बात कही है। - Dainik Bhaskar

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में कोरोना से जान गंवाने वाले अधिवक्ताओं को राज्य सरकार की ओर से मुआवजा दिया जाएगा। इस संबंध में राज्य सरकार की ओर से एक शपथ पत्र भी लॉ सेक्रेटरी राम कुमार तिवारी ने पेश किया है। एफिडेविट में कहा गया है कि SBC जिन प्रभावित वकीलों के नाम भेजेगा, उनके परिवार को 90 दिनों के अंदर मुआवजा मिल सके इसकी कोशिश रहेगी। वहीं अदालत ने स्टेट बार काउंसिल (SBC) को निर्देश दिया कि वह जल्द से जल्द पेंडिंग मामलों का निराकरण करें।

कोरोनाकाल में जान गंवाने वाले वकीलों को मुआवजा देने की मांग करते हुए हाईकोर्ट में जनहित याचिका लगी है। याचिका में कहा गया है कि जिन वकीलों ने संक्रमण की वजह से अपनी जान गंवाई उनके परिवार को जल्द से जल्द मुआवजा दिया जाए। कई परिवारों में मृत वकील ही कमाने वाला इकलौता सदस्य था। जिसकी वजह से अब ऐसे परिवारों के सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है। इसी मामले पर सुनवाई करते हुए 11 अगस्त के दिन सरकार से पूछा था कि सरकार ने पीड़ित परिवारों के लिए अब तक क्या क्या किया है। साथ ही हाईकोर्ट ने लॉ सेक्रेट्री को शपथ पत्र पेश करने का आदेश दिया था।

SBC ने कहा था 10 प्रभावित परिवारों को मुआवजा दिया गया
कोरोना काल के दौरान करीब 70 से अधिक वकीलों ने अपनी जान गंवाई थी। राज्य सरकार और SBC की ओर से एक अधिवक्ताओं के परिवारों को डेढ़-डेढ़ लाख रुपए मुआवजा देने का प्रावधान है। स्टेट बार काउंसिल के वकील किशोर भादुड़ी ने कोर्ट को पिछली सुनवाई के दौरान बताया था की हमने 51 वकीलों को शॉर्ट लिस्ट किया है। जिसमें से 10 वकीलों को पैसे दे दिए गए हैं। आने वाले वक्त में दूसरे वकीलों को भी SBC अपने हिस्से का 1.5 लाख रुपया दे देगा।

कोर्ट ने राज्य सरकार को शपथ पत्र पेश करने का दिया था आदेश

इस पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की ओर से मौजूद वकील से पूछा था कि वे कब तक अपने हिस्से का पैसा इन वकीलों के परिवार को जारी करेंगे। कोर्ट ने राज्य सरकार को अगली सुनवाई तक मामले में शपथ पत्र पेश करने का आदेश जारी किया था। इसी को लेकर सोमवार को राज्य की ओर से जवाब पेश किया गया है। ममाले की अगली सुनवाई अब 20 अक्टूबर को होगी।