छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़: BJP नेता सुसाइड केस में UP के ठग परिवार का हुआ भंडाफोड़, पहले प्रेम जाल में फंसाया और ब्लैकमेल कर पौने दो करोड़ रुपए वसूले, 2 आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी

राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में भाजपा नेता संजीव जैन सुसाइड केस में अंतरराज्यीय ठग फैमिली का भंडाफोड़ हुआ है। इस मामले में पुलिस ने 2 अंतरराज्यीय आरोपियों अपने गिरफ्त में ले लिया है। वहीं अन्य आरोपियों के भी शामिल होने की बात सामने आई है। पुलिस उनका भी पता लगा रही है।

भाजपा नेता संजीव जैन को फ़साने वाले दोनों आरोपी उत्तर प्रदेश में मेरठ के गंगानगर के रहने वाले हैं। महिला ने संजीव को अपने प्रेम जाल में फंसाया और ब्लैकमेल कर पौने दो करोड़ रुपए वसूले थे। इसके बाद और रुपए मांग रहे थे। इसी से तंग आकर संजीव ने सुसाइड कर लिया था।

इस ठगी में महिला का देवर कौशल सिंह भी शामिल है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।10 अगस्त की रात भाजपा नेता बसंतपुर क्षेत्र के हीरा-मोती लाइन निवासी संजीव जैन ने खुदकुशी कर ली थी। मौके से 10-12 पेज का सुसाइड नोट मिला था।

पुलिस ने सुसाइड नोट में मिले डिटेल से शुरू की आरोपियों की तलाश

पुलिस ने सुसाइड नोट में मिले नामों के साथ बैंक की डिटेल चेक की। पता चला कि संजीव जैन ने किसी मानसी यादव के अकाउंट में 1.77 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए हैं। पुलिस ने मानसी की तलाश शुरू की। रायपुर, दिल्ली और मेरठ टीम भेजी गई, तो पता चला कि बैंक में दर्ज पते पर वह सालों से नहीं रह रही थी। इस बीच पुलिस को पता चला कि मानसी रायपुर स्थित अपनी बहन मधु के घर तीज मनाने पहुंची है। इस पर पुलिस ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।

ठग परिवार ने इस तरह दिया था घटना को अंजाम

पूछताछ में मानसी ने पुलिस को बताया कि करीब 8 साल पहले रॉन्ग नंबर लगने से संजीव जैन से उसकी पहचान हुई थी। बातचीत के दौरान उसे पता चला कि संजीव पैसे वाला है। इस पर संजीव को प्रेम जाल में फंसाया। कई बार वह संजीव से मिलने राजनांदगांव आई। वहीं, संजीव को भी रायपुर और मेरठ बुलाया। इस बीच दोनों में हर बार शारीरिक संबंध भी बने। मानसी कभी पढ़ाई, कभी नौकरी तो कभी मकान खरीदने के नाम पर रुपए लेती और लोन पास होने पर लौटाने का झांसा देती थी।

आरोपी पति और देवर बने थे बैंक अफसर

मानसी ने बैंक लोन लेने की बात कहकर पति ललित सिंह को मोहित शर्मा और देवर कौशल सिंह को निखिल जैन व आशीष बनाकर संजीव से बात कराई। इसके बाद से उसका पति ललित व कौशल ने खुद को बैंक अफसर बताया और लोन दिलाने के नाम पर प्रोसेसिंग फीस के रूप में लाखों रुपए मानसी और अलग-अलग लोगों के खाते में ट्रांसफर कराए। संजीव रुपए देने से मना करता तो आरोपी उसे बदनाम करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करते।