छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़: सिंहदेव ने कहा- केंद्र ने ऑक्सीजन की कमी से हुई मौत के आंकड़े कभी नहीं मांगे, संसद को किया जानबूझकर गुमराह

टीएस सिंहदेव ने केंद्र सरकार के उस बयान को सिरे से खारिज कर दिया है जिसमें कहा गया था कि किसी राज्य ने ऑक्सीजन की कमी से हुई मौतों की जानकारी नहीं दी है। - Dainik Bhaskar

रायपुर। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की कमी से हुई मौतों से केंद्र सरकार के इनकार के बाद हंगामा खड़ा हो गया है। छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने तो यहां तक कह दिया कि सरकार ने संसद को जानबूझकर गुमराह किया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने कभी ऑक्सीजन की कमी से हुई मौत के आंकड़े नहीं मांगे। राज्यों के साथ इस तथ्य की जांच किए बिना यह कहा है।

कैबिनेट मंत्री सिंहदेव ने अपने सोशल मीडिया एकाउंट पर लिखा, केंद्र सरकार ने कभी भी राज्यों से ऑक्सीजन की कमी से होने वाली मौतों के आंकड़े नहीं मांगे हैं। वे एक दिन में मरने वालों की संख्या, कॉमरेडिटी के साथ मौत, बिना कॉमरेडिटी के साथ और कॉमरेडिटी का प्रकार जैसा डेटा मांगते हैं। केंद्र सरकार ने राज्यों में इसकी जांच किए बिना जानबूझकर संसद को गुमराह किया है।

छत्तीसगढ़ ऐसा राज्य जहां अतिरिक्त ऑक्सीजन की सुविधा
स्वास्थ्य मंत्री ने लिखा, जब केंद्र सरकार कहती है कि “दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की कमी के कारण किसी की मृत्यु नहीं हुई’, तो वे शायद छत्तीसगढ़ की बात कर रहे हैं। यह एक ऐसा राज्य है जहां अतिरिक्त ऑक्सीजन है। हालांकि, यह भी एक सच्चाई है कि दिल्ली और यूपी जैसे राज्यों में ऑक्सीजन की कमी के कारण लोगों की मृत्यु हुई और उन भयानक दृश्य को भुलाया नहीं जा सकता।

छत्तीसगढ़ में ऑडिट विकल्पों की बात की
स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि राहुल गांधी की निरंतर दी गई चेतावनी और सुझाव को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ उन प्राथमिक राज्यों में से एक था जिसने कोरोना संकट के दौरान ऑक्सीजन सप्लाई बनाए रखी। छत्तीसगढ़ की उत्पादन क्षमता 388.87 मीट्रिक टन है, जबकि 26 अप्रैल को अधिकतम खपत 180 मीट्रिक टन थी। फिर भी, छत्तीसगढ़ में ऐसी किसी भी अनजान घटना को ट्रैक करने के लिए ऑडिट का विकल्प तलाश रहे हैं।

गैर सरकारी संगठनों से भी मांगी मदद
टीएस सिंहदेव ने लिखा, हम कोविड की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की कमी के कारण अस्पतालों में या बाहर किसी भी मौत के बारे में सभी जानकारी प्राप्त करने के लिए अपने सार्वजनिक ऑडिट का विस्तार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे गैर सरकारी संगठनों, नागरिक, समाज के सदस्यों से अनुरोध करते हैं कि वे राज्य की बेहतरी के लिए ऐसी किसी भी पिछली घटना को हमारे संज्ञान में लाएं।

केंद्र से भी ऐसे ही ऑडिट का आग्रह
स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने लिखा, हम केंद्र सरकार से इस तरह की घटनाओं का रिकॉर्ड प्राप्त करने और भविष्य की किसी भी त्रासदी से बचने के लिए एक मजबूत योजना विकसित करने के लिए इसी तरह की लेखा परीक्षा आयोजित करने का आग्रह कर रहे हैं। मेरी राय में, ICMR पोर्टल पर लागू किए गए कुछ बदलाव महत्वपूर्ण डेटा प्रदान कर सकते हैं जिनका उपयोग आगे की तैयारी के लिए किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बुधवार को रायपुर में पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे।

मुख्यमंत्री बोले, संसद में सरकार का ऐसा बयान दुर्भाग्य जनक
संसद में केंद्र सरकार के बयान पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कल कहा, यह दुर्भाग्य जनक बात है, जब लोकसभा में प्रश्न आते हैं तो हर राज्य से जानकारी मांगी जाती है। लेकिन उत्तर प्रदेश जैसे राज्य में कहा गया कि कोई भी हॉस्पिटल यदि ऑक्सीजन की कमी का बोर्ड भी टांग दे तो उसके खिलाफ कार्रवाई हो जाएगी, तो कौन बताएगा। पूरा देश जानता है कि दिल्ली में किस तरह से ऑक्सीजन की कमी से लोगों की मौत हुई। इसके बावजूद भी इस प्रकार से बयान आना न केवल हास्यास्पद है, बल्कि गैर जिम्मेदाराना है।