छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़:सीएम भूपेश ने कहा, ‘जबरिया या प्रलोभन देकर धर्मांतरण का एक भी मामला हो तो बताएं, सरकार सख्त कार्रवाई करेगी’


रायपुर, 21 जुलाई
। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बुधवार को जबरिया, या प्रलोभन देकर धर्मांतरण के मामले पर जोर देकर कहा कि एक भी प्रकरण हो, तो जानकारी उपलब्ध कराएं। सरकार सख्त कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के समय से धर्मांतरण पर कानून प्रभावशील है। 

श्री बघेल ने बेमेतरा रवाना होने से पहले मीडिया से चर्चा में आगे कहा कि सरकार आदिवासियों की संस्कृति बचाने के लिए प्रतिबद्ध है। और इस सिलसिले में बस्तर में बड़े पैमाने पर देवगुड़ी, और घोटुल के निर्माण कार्य को स्वीकृति दी गई है।  
मुख्यमंत्री ने सर्व आदिवासी समाज की मांगों पर कहा कि आदिवासी समाज के प्रतिनिधि उनसे मिले थे। उनकी मांगों पर विस्तारपूर्वक बातचीत हुई। सरकार जल, जंगल, और जमीन बचाने के लिए काम कर रही है। वन अधिकार पट्टा दिया गया है। भाजपा शासनकाल में जिन गांवों का पट्टा निरस्त किया गया था। वहां भी पट्टा दिया गया है। 

श्री बघेल ने कहा कि नारायणपुर, और अन्य दुरस्थ इलाकों में नक्सली आदिवासियों को पट्टा नहीं लेने दे रहे हैं। सर्व आदिवासी समाज से आग्रह किया गया है, कि वे आदिवासियों का हक दिलाने में सहयोग करें। पेगसास जासूसी कांड पर मुख्यमंत्री ने कहा कि देश को सच जानने का हक है। उन्होंने कहा कि पेगसास स्पाईवेयर के लोग यहां आए थे। छत्तीसगढ़ में भी जासूसी हुई है, रमन सिंह को इसका जवाब देना चाहिए। 


रमन सिंह को पार्टी ने हाशिए पर डाला
शराबबंदी, और बेरोजगारी भत्ता-रोजगार को लेकर रमन सिंह, और भाजपा के आरोपों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 साल सीएम रहने, और चार चुनाव में नेतृत्व करने के बाद पार्टी ने रमन सिंह को हासिए पर डाल दिया है। रमन सिंह को उत्तराखंड में सीएम चुनने की जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन वह चार महीने नहीं टिक पाए। उन्हें केन्द्रीय मंत्री बनाए जाने की चर्चा थी, पर ऐसा नहीं हुआ। और अब पुरंदेश्वरी द्वारा  बिना चेहरे के चुनाव लडऩे की बात कहकर जले में नमक डालने का काम किया है। 
उन्होंने कहा कि भाजपा नेतृत्व को रमन सिंह पर विश्वास नहीं रह गया है। पहले इसका जवाब खोज लें, और फिर सवाल करें। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि प्रदेश धीरे-धीरे जैविक खेती की तरफ बढ़ रहा है। आठ लाख क्विंटल जैविक खाद की बिक्री हुई है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि लेमरू अभ्यारण्य का क्षेत्र 1995 वर्ग किमी रहेगा। इस पर अब कोई विवाद नहीं है।