छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में खाद पर सियासी संग्राम: केंद्र सरकार खाद की नहीं कर रही आपूर्ति, भाजपाई चाटुकारिता में बचाव कर रहे- कांग्रेस

रायपुर। छत्तीसगढ़ में किसानों के लिए खाद में को लेकर पक्ष और विपक्ष में घमासान जारी है. सोमवार को प्रेसवार्ता में रमन सिंह ने सरकार पर किसानों को खाद नहीं देने का आरोप लगाया था. रमन सिंह ने कहा था कि प्रदेश में खाद की कालाबाजारी जारी है.  इससे किसानों का खाद नहीं मिल रहा है. इस पर अब कांग्रेस ने पलटवार किया है. कांग्रेस ने कहा कि रमन दलीय प्रतिबद्धता में राज्य के किसानों हितों के खिलाफ बात कर रहे हैं. केंद्र खातू की आपूर्ति नहीं कर रहा है. भाजपाई चाटुकारिता में बचाव कर रहे हैं.

केंद्र सरकार खाद की नहीं कर रही आपूर्ति- कांग्रेस

कांग्रेस ने कहा कि रमन सिंह मोदी सरकार के छत्तीसगढ़ विरोधी कारनामे पर पर्दा डालने खाद को ले कर गलत बयानी कर रहे हैं. प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा की मोदी सरकार राज्य के किसानों की आवश्यकता के अनुरूप खाद की आपूर्ति नहीं कर रही. रमन सिंह मोदी सरकार से राज्य में खातू की आपूर्ति करने की मांग करने के बजाय केंद्र की पैरोकारी कर रहे हैं. रमन के लिए राज्य के किसानों के हितों से बढ़ कर अपना खुद का हित है खुद के नम्बर मोदी के दरबार में कम न होने पाए इस लिए वे मोदी सरकार के द्वारा राज्य में पर्याय रसायनिक खाद की आपूर्ति नही करने का भी बचाव कर रहे हैं.

राज्य में खातू का संकट पैदा

कांग्रेस के मुख्यप्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि राज्य सरकार ने केंद्र से खरीफ के लिए लगभग 11 लाख मीट्रिक टन विभिन्न रासायनिक खादों को राज्य को आपूर्ति करने की मांग की थी, जिसकी केंद्र सरकार ने स्वीकृति भी दिया था. केंद्र ने राज्य को खाद देने का जो पैमाना निर्धारित किया उसके अनुसार राज्य को जून महीने में मिलने वाली खाद का लगभग आधा मात्र 57 प्रतिशत ही दिया. छत्तीसगढ़ में धान एवं अन्य खरीफ फसलों की बोवाई का काम जून में शुरू हो जाता है. जून में राज्य में रासायनिक खादों की मांग अधिक रहती है. जून और जुलाई के शुरू में केंद्र द्वारा राज्य के कोटे की आपूर्ति न होने से राज्य में खातू का संकट पैदा हो गया.

इस संकट के लिए मोदी सरकार का छत्तीसगढ़ विरोधी रवैया जिम्मेदार है. एक ओर जहां छग को उसके लिए निर्धारित कोटे का आधा उर्वरक दिया गया. वहीं भाजपा शाषित यूपी,मध्यप्रदेश, गुजरात जैसे राज्यों को उनके लिए निर्धारित कोटे के 95 प्रतिशत तक उर्वरक दिया गया. छग के अधिसंख्यक किसान सिर्फ़ धान की खेती करते हैं. यहां पर उर्वरक की कमी होने पर किसानों परेशानी में है, जबकि जिन राज्यों में किसान बहुफसली खेती करते हैं. उनके खरीफ के खातू में कटौती की भरपाई बाद में हो सकती है, लेकिन मोदी सरकार ने राजनीतिक कारणों से उन राज्यों की आपूर्ति नहीं रोका, लेकिन छग की आपूर्ति कम कर दिया.

कांग्रेस के मुख्यप्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि छग के भाजपा सांसद अपनी चुप्पी कब तोड़ेंगे. राज्य के साथ लगातार केंद्र सरकार अन्याय कर रही भाजपा के सांसद गूंगे बने हुए. राज्य की जनता ने उन्हें क्या सिर्फ वेतन भत्ते और सांसदी के रुतबे के लिए चुन कर दिल्ली भेजा है. मोदी की चाटुकारिता इनके लिए जनता जनार्दन से बड़ी हो गई है.