छत्तीसगढ़

अपनी असफलता छुपाने केंद्र को चिट्‌ठी लिखने लगे हैं CM, दिल्ली से आई खाद कहां गई बताए सरकार- डॉ रमन

तस्वीर वीआईपी रोड स्थित डॉ रमन के बंगले की है, प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बारिश के बीच छत टपकने लगी। - Dainik Bhaskar

तस्वीर वीआईपी रोड स्थित डॉ रमन के बंगले की है, प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बारिश के बीच छत टपकने लगी।

रायपुर। सोमवार को कांग्रेस सरकार की कमियां गिनाते हुए पूर्व सीएम डॉ रमन सिंह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस ली। उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसान खाद के लिए परेशान हो रहे हैं। मौजूदा कांग्रेस सरकार की वितरण प्रणाली ठप हो चुकी है। अब आलम ये है कि अपनी असफलता छुपाने के लिए CM भूपेश बघेल केंद्र को चिट्‌ठी लिखने लगे हैं। जबकि केंद्र सरकार ने तो राज्य को पर्याप्त मात्रा में खाद भेजा है। फिर कमी की स्थिति कैसे बन गई इसका जवाब देना चाहिए।

डिमांड और सप्लाइ का गणित
डॉ रमन ने आगे कहा छत्तीसगढ़ में खरीफ सीजन में लगभग 48 लाख हेक्टेयर में विभिन्न फसलों की बुआई की जाती है, खरीफ में धान एवं अन्य अनाज 40.50 लाख हेक्टेयर, दलहन 3.76 लाख हेक्टेयर, तिलहन 2.55 लाख हेक्टेयर तथा अन्य फसल 1.32 लाख हेक्टेयर बोई जाती है। इसके लिए राज्य सरकार ने केन्द्र से खरीफ फसल 2021 के लिए 10.25 लाख मैट्रिक टन खाद की मांग की थी, जो केंद्र ने दे भी दिया।

अब अचानक सीएम भूपेश बघेल प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर डेढ़ लाख मीट्रिक टन यूरिया और डेढ़ लाख मैट्रिक टन डीएपी खाद की मांग कर रहे हैं। भूपेश बघेल सरकार को उत्तर देना चाहिए कि आखिर केन्द्र सरकार द्वारा जब पर्याप्त मात्रा में खाद की आपूर्ति की जा रही है, समय से की जा रही है फिर अचानक तीन लाख मैट्रिक टन की खाद की आवश्यकता राज्य को क्यों पड़ गई। केंन्द्र द्वारा भेजे गये उर्वरक का आखिर क्या हुआ, जो आज किसान खाद की कमी को लेकर सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं।

खुद ही जांच कर खुद को ही नंबर देते हैं
प्रदेश सरकार की स्थिति को बयां करते हुए डॉ रमन ने कहा कि घोषणा पत्र के वादे पूरे नहीं हुए। 15 साल तक जब भाजपा की सरकार थी किसानों को धान खरीदी के दौरान कभी दिक्कत नहीं हुई। अब खाद की सप्लाई को जानबूझकर प्रभावित किया जा रहा है ताकि प्राइवेट दुकानदारों को फायदा पहुंचे। कांग्रेस सरकार वादे पूरे करने के दावे पर डॉ रमन सिंह ने कहा कि ऐसा है कि जांच यही कर रहे हैं और खुद को ही नंबर दे रहे हैं। अपने ही लोगों की तारीफ कर रहे हैं।