छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़: टोनही के संदेह में हत्या के आरोपी गिरफ्तार,पति-पत्नी और बेटे ने मिलकर की थी हत्या

महिला की हत्या में शामिल परिवार के सभी आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए। - Dainik Bhaskar

राजनांदगांव। जिले में अंधविश्वास के चलते एक महिला की पीट पीटकर हत्या कर दी गई थी। जिसमें अब मोहला पुलिस ने टोनही के संदेह में पिटाई कर हत्या करने वाले पति-पत्नी और उसके बेटे को गिरफ्तार किया है। आरोपी सोभी राम के छोटे बेटे की कुछ समय पहले एक्सीडेंट में मौत हो गई थी। जिसके लिए मृतक महिला द्वारा जादू टोना कर मरवाने का आरोप लगाते हुए उसकी बेदम पिटाई की, बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी।
अंधविश्वास के चलते महिला की हत्या
राजनांदगांव जिले में टोनही प्रकरण के मामले हर साल थानों में दर्ज हो रहे है। जबकि छत्तीसगढ़ में टोनही प्रताड़ना निवारण अधिनियम 2005 के तहत कठोर सजा का प्रावधान है। बावजूद इसके अभी भी लोग इस तरह के अंधविश्वास को मानते हैं।इसी के चलते 10 जून की रात को महिला सुपोतिन बाई सोरी की पीट पीटकर हत्या कर दी गई थी।

दरअसल मृतक महिला को आरोपी का परिवार बेटे के एक्सीडेंट के लिए जिम्मेदार मानते थे। इन्हें शंका थी कि सुपोतीन ने ही जादू टोना किया है। जिसके चलते उसके बेटे की सड़क हादसे में मौत हुई है। इसी रंजिश का बदला लेने के लिए वे कुछ समय से मौका देख रहे थे।
घटना की रात
मोहला थाना प्रभारी श्रवण चौबे ने बताया कि कुल्हारदोह गांव में 10 जून की रात करीब 8 बजे सुपोतिन बाई सोरी गांव में शादी के कार्यक्रम से लौट रही थी। जिसका रास्ता रोककर आरोपी सोभी राम, उसकी पत्नी संकाय बाई और दूसरे बेटे संजय सोरी ने जमकर पिटाई कर दी। तीनों की पिटाई से वह गंभीर रुप से घायल हो गई। जिसे इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज लाया गया। इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना को अंजाम देने के बाद तीनों फरार हो गए थे। जिन्हें घेराबंदी करके कुल्हारदोह गांव में गिरफ्तार कर लिया गया। सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
छत्तीसगढ़ टोनही प्रताड़ना अधिनियम
छत्तीसगढ़ में टोनही प्रताड़ना निवारण अधिनियम 2005 के तहत किसी को भी टोनही कहने पर 3 साल का कठोर कारावास, जुर्माने का प्रावधान है। शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित करने या नुकसान पहुंचाने पर 5 साल के कठोर कारावास और जुर्माने का प्रावधान है।