छत्तीसगढ़

छतीसगढ़ व तेलंगाना में सक्रिय 8 लाख रुपए के हार्डकोर इनामी माओवादी कट्टी मोहन राव की हार्ट अटैक से मौत

छतीसगढ़ व तेलंगाना में सक्रिय 8 लाख रुपए के हार्डकोर इनामी माओवादी कट्टी मोहन राव की हार्ट अटैक से मौत हो गई है। कुख्यात माओवादी कट्टी मोहन राव इलाके में प्रकाश उर्फ दामू दादा के नाम से भी चर्चित था।  - Dainik Bhaskar

छतीसगढ़ व तेलंगाना में सक्रिय 8 लाख रुपए के हार्डकोर इनामी माओवादी कट्टी मोहन राव की हार्ट अटैक से मौत हो गई है। इसकी जानकारी खुद माओवादियों ने रविवार को प्रेसनोट जारी कर दी। प्रेसनोट में लिखा है कि कट्टी मोहन राव लंबे समय से बीमारी से जूझ रहा था। जिसकी 10 जून सुबह लगभग 11:30 मिनट में हार्ट अटैक से मौत हो गई। तेलंगाना के जंगलों में पीएलजीए के द्वारा विशाल जुलूस निकाल कर कट्टी मोहन राव की चिता भी जला दी गई है। कट्टी मोहन राव वर्तमान में DVC मेंबर था, जो तेलंगाना और दक्षिण बस्तर इलाके में पिछले कई वर्षों से सक्रिय रह कर काम कर रहा था। कुख्यात माओवादी कट्टी मोहन राव इलाके में प्रकाश उर्फ दामू दादा के नाम से भी चर्चित था।

अस्थमा, बीपी और शुगर भी था

माओवादियों के द्वारा जारी किए गए प्रेसनोट में लिखा है कि कट्टी मोहन राव लंबे समय से अस्थमा , बीपी व शुगर जैसी गम्भीर बीमारियों से जूझ रहा था। जिसका पीएलजीए के डॉक्टर लगातार इलाज कर रहे थे। लेकिन स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं आ रहा था। 10 जून की सुबह अचानक तबियत बिगड़ी और हार्ट अटैक से मौत हो गई।

माओवादियों ने तेलगु भाषा में प्रेसनोट जारी कर कट्टी मोहन राव उर्फ़ दामू दादा के मौत की जानकारी दी है।

माओवादियों ने तेलगु भाषा में प्रेसनोट जारी कर कट्टी मोहन राव उर्फ़ दामू दादा के मौत की जानकारी दी है।

2008 में भेजा गया था दंडकारण्य

छतीसगढ़ के दक्षिण बस्तर को ही दंडकारण्य कहा जाता है। इस इलाके में नक्सलवाद का विस्तार करने के लिए साल 2008 में बड़े लीडरों ने कट्टी मोहन राव को दंडकारण्य भेजा था। यहां माओवाद संगठन में लाल लड़ाके को जोड़ना, संगठन को मजबूती देने का कार्य किया करता था। छतीसगढ़ पुलिस को भी लंबे समय से इसकी तलाश थी। दन्तेवाड़ा एसपी ने बताया कि कट्टी मोहन राव पर 8 लाख रुपए का इनाम था।

40 सालों तक इन इलाकों में मचाया तांडव

  • जून 1991 में कनॉट आर्मी का डिप्टी कमांडर और 1992 में कमांडर बना।
  • 1992 में तेलंगाना डीवीसी मेंबर के रूप में काम किया।
  • बड़े लीडरों ने उत्तर प्रेस यूनिट की दी थी जिम्मेदारी।
  • 2002 में खम्मम जिला समिति का सदस्य था, उसके बाद खम्मम-वारंगल डिवीजन कमेटी का सदस्य बनाया गया था।
  • 2007 में इसी एरिया कमेटी का सचिव बनाया गया था।
  • 2008 में दंडकारण्य में माओवाद का विस्तार करने भेजा गया था, इस दौरान कई घटनाओं में शामिल भी था।
  • तेलंगाना के अतुर नगरम व पोंडवा दल स्क्वायड एरिया कमेटी का सदस्य था।