छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़: 21 मई तक 50.82 लाख लोगों को लगी वैक्सीन, ऐसे ही चलता रहा तो डेढ़ से 2 साल लगेंगे; हाईकोर्ट ने 10 दिन में मांगा जवाब

वैक्सीन की कमी और ग्लोबल टेंडर को लेकर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है। इस मामले में 10 दिन में जवाब दाखिल करना है। अगली सुनवाई 14 जून को होगी। - Dainik Bhaskar

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में वैक्सीन की कमी और ग्लोबल टेंडर को लेकर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है। इस मामले में 10 दिन में जवाब दाखिल करना है। अगली सुनवाई 14 जून को होगी। सुनवाई के दौरान कहा गया है कि प्रदेश में 21 मई तक 50.82 लाख लोगों को वैक्सीन लगी है। इसमें 45+ और 18+ दोनों आयु वर्ग शामिल हैं। जबकि आबादी 2.90 करोड़ हैं। तीसरी लहर संभावित है, लेकिन वैक्सीन नहीं है।

वैक्सीनेशन के ग्लोबल टेंडर को लेकर दायर जनहित याचिका पर शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान अधिवक्ता हिमांशु सिन्हा ने कहा कि केंद्र सरकार के निर्देश पर जनवरी में वैक्सीन ड्राइव शुरू हुई। जिस स्पीड से वैक्सीनेशन हो रहा है, इसी रफ्तार से चलता रहा तो डेढ़ से दो साल लग जाएंगे। जबकि कोरोना की तीसरी लहर सितंबर-अक्टूबर में आने की संभावना जताई गई है। यह भी कहा गया है कि बच्चों पर इसका प्रभाव पड़ेगा।

सरकार यह भी बताए कि बच्चों के बचाव के लिए क्या कर रही
सुनवाई के दौरान यह भी कहा गया कि अभी 18 साल से ऊपर वालों को ही वैक्सीनेशन की सुविधा पूरी तरह नहीं मिल पाई है। टीकाकरण की गति बहुत धीमी है। लोगों को 3-3 महीने बाद बुलाया जा रहा है। ऐसे में उसके नीचे उम्र के लोगों की तो बात ही नहीं हो रही। प्रेग्नेंट महिलाओं को भी वैक्सीनेशन से दूर रखा गया है। ऐसे में राज्य सरकार बच्चों को कोरोना के प्रभाव से बचाने के लिए क्या कर रही है, इसके बारे में भी जानकारी दे।

अन्य पड़ोसी राज्यों की तरह ग्लोबल टेंडर जारी करने की है मांग
दरअसल, हाईकोर्ट के वकील शैलेंद्र दुबे की ओर 25 मई को याचिका दायर की गई है। इसमें कहा गया है कि मौजूदा स्थिति में वैक्सीन की पूर्ति करने के लिए देश में केवल दो कंपनियां काम कर रही हैं। इसकी वजह से कई राज्यों को वैक्सीन की कमी की वजह से टीकाकरण अभियान रोकना पड़ा है। उत्तर प्रदेश, ओडिशा, कर्नाटक जैसे राज्यों ने वैक्सीन की कमी को देखते हुए ग्लोबल टेंडर जारी किया है। इसी तर्ज पर राज्य सरकार की भी टेंडर जारी करना चाहिए।