छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़: 1 लाख का इनामी कमांडर समेत 5 नक्सली गिरफ्तार; अरनपुर, गीदम, कुआकोंडा थाना इलाकों में अलग-अलग टीमों ने पकड़ा

पहली तस्वीर पदाम माड़ा की है। ये ग्रामीणों की सभा लेता था किसी ने नक्सलियों के खिलाफ बात की तो उस ग्रामीण की हत्या कर देता था। - Dainik Bhaskar

दंतेवाड़ा। पुलिस ने अलग-अलग इलाकों से कुल 5 नक्सलियों को गिरफ्तार किया है। दंतेवाड़ा के SP डॉ अभिषेक पल्लव ने बताया कि थाना अरनपुर, गीदम और कुआकोंडा जैसे इलाकों में हाल के दिनों में सर्चिंग ऑपरेशन लॉन्च किए गए थे। इन इलाकों में ग्रामीणों के बीच छुपकर काम कर रहे कुछ नक्सलियों को पुलिस की टीमों ने पकड़ा है। इनमें 1 लाख का इनामी नक्सली कमांडर पदाम माड़ा भी है। पदाम माड़ा को साल 2011 से पुलिस लगातार ढूंढ रही थी। इसकी तलाशी लेने पर नक्सली पांपलेट, बैनर, पोस्टर वगैरह पुलिस को मिले हैं। थाना अरनपुर इलाके से इसे पकड़ा गया है।

पदाम माड़ा ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि साल 2011 में ये एक मुठभेड़ में शामिल था। इसमें नक्सलियों ने पुलिस पर फायरिंग की थी। साल 2013 में इसने कई जगहों पर नक्सल धमकी के पोस्टर लगाए थे। साल 2018 में इसने मुचाकी आयता नाम के ग्रामीण की हत्या कर दी थी। साल 2019 के विधानसभा चुनाव के दौरान इसने जवानों को नुकसान पहुंचाने की नीयत से जंगल में स्पाइक होल बनाए थे। साल 2020 के अगस्त महीने में इसने अरनपुर के कुछ गांवों में जानबूझकर सड़कों को काट दिया था।

नक्सलियों का सप्लायर भी गिरफ्तार
पुलिस ने मंगूराम नाम के युवक को पकड़ा है। बड़ेतुमनार इलाके में इसे पकड़ा गया है। पुलिस को टीम को देखकर ये भागने लगा। जवानों को शक हुआ तो इसे पकड़ा और पूछताछ की। इसने अपना नाम मंगूराम बताया। 29 साल का मंगूराम नक्सलियों के लिए रेकी करने का काम करता था। वह गांव वालों को नक्सली विचारधारा से जोड़ने पुलिस पार्टी की जानकारी नक्सलियों तक पहुंचाने और गांव के अलग-अलग इलाकों में पर्चा लगाने का काम करता था। यह शहरी इलाकों से नक्सलियों की जरूरत का सामान भी लाकर उन्हें देता था।

पुलिस ने बामन सोडी, हिड़मा सोडी, हिड़मा माड़वी को भी गिरफ्तार किया है । इन्हें जियाकोतड़ा पहाड़ी इलाके से पकड़ा गया है । यह तीनों युवक पुलिस को देखकर भागने लगे पूछताछ में पता चला कि यह नक्सलियों के लिए गांव में रहकर ही काम करते थे। इनके पास से पटाखे, माचिस, नक्सली बैनर पोस्टर वगैरह मिले हैं। इन युवकों ने साल 2018 में जियाकोतड़ा और टिपाल के बीच सड़क को काट दिया था। 2019 में नक्सली बंद के दौरान बैनर पोस्टर लगाने का काम किया था। जवानों को नुकसान पहुंचाने के लिए नक्सलियों के बनाय बम भी जंगलों में लगाने का काम करते थे।