छत्तीसगढ़

अफसर की मौत का राज बरकरार: पुलिस बोली- नींद में ही हो गई थी मौत, घरवालों ने पुलिस को बताया डिप्रेशन में थे ज्वाइंट डायरेक्टर श्रीवास्तव

मंत्रालय के CCTV कैमरे में आखिरी बार 1 मार्च को राजेश श्रीवास्तव दिखे थे। रायपुर के राखी थाने की पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। - Dainik Bhaskar

रायपुर। राजेश श्रीवास्तव छत्तीसगढ़ कोष, लेखा एवं पेंशन विभाग के संयुक्त संचालक के पद पर पदस्थ थे। 1 मार्च की दोपहर मंत्रालय परिसर में घूमते नजर आए थे। अब इनका CCTV फुटेज सामने आया है। इस फुटेज में श्रीवास्तव मंत्रालय कैंपस में टहलते नजर आ रहे हैं। यह वीडियो 1 मार्च का बताया जा रहा है। इसी दिन दोपहर बाद से वह लापता थे। बुधवार को नागपुर के एक लॉज में उनकी लाश बरामद की गई थी। अफसर की अचानक हुई मौत का राज अब भी बरकरार है। घर वाले और पुलिस दोनों इस बात को नहीं समझ पा रहे कि आखिर मौत हुई तो कैसे हुई। फिलहाल आशंका जताई जा रही है कि दवाओं के ओवरडोज की वजह से अफसर की मौत हो सकती है। हालांकि पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है और जांच से जुड़े अफसर कुछ भी कहने से बच रहे हैं।

नागपुर ही क्यों गए श्रीवास्तव
घर वाले भी इस बात का जवाब नहीं दे पाए कि आखिर रायपुर से अचानक राजेश श्रीवास्तव नागपुर क्यों गए। ऐसा कौन सा काम आ पड़ा, कि वह नागपुर चले गए। दरअसल नागपुर के सीताबर्डी इलाके के एक लॉज में राजेश श्रीवास्तव की लाश बुधवार को मिली थी। नागपुर की पुलिस ने ही रायपुर संपर्क करके इस मौत की जानकारी दी। लॉज के रजिस्टर में श्रीवास्तव ने मार्केटिंग के काम से नागपुर आने की बात दर्ज की थी लेकिन उनके नागपुर जाने की बात ना तो उनके सहकर्मियों को पता थी और न घरवालों को।

जेब से मिली दवाएं
रायपुर पुलिस की एक टीम नागपुर रवाना की गई है। यह टीम घटनास्थल की जांच महाराष्ट्र पुलिस के साथ मिलकर कर रही है। इस बात का पता लगाने की कोशिश हो रही है कि आखिर मौत हुई तो कैसे हुई। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक श्रीवास्तव की जेब से कुछ दवाइयां मिली है, घर वालों ने भी इस बात को बताया कि श्रीवास्तव इंसुलिन की दवाई लिया करते थे और बेहद डिप्रेशन में रहा करते थे। इसका इलाज भी जारी था। अंदेशा जताया जा रहा है डिप्रेशन की वजह से श्रीवास्तव नींद की दवाएं लेते होंगे। अब तक की जांच में यह बात सामने आई है कि श्रीवास्तव की मौत नींद में ही हो गई थी।

हत्या की आशंका, जांच की मांग
तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के राकेश साहू ने बताया कि इस पूरे मामले की हम जांच की मांग कर रहे हैं, इतने बड़े अफसर की इस तरह से हुई मौत की वजह से हमें हत्या की आशंका है। श्रीवास्तव सरकार के ऐसे महकमे में पदस्थ थे जो सरकारी पैसों के लेनदेन का महत्वपूर्ण विभाग है। साहू ने बताया कि उनके वेतन ना मिलने की बातें भी सामने आ रही हैं, हालांकि इस स्तर के अधिकारी का कोई वेतन रोक दे, यह बात हमें सही नहीं लगती, इसलिए हम इस पूरे मामले की जांच की मांग कर रहे हैं।

अपनी पोस्टिंग को लेकर परेशान थे श्रीवास्तव
राजेश श्रीवास्तव लंबे समय से बिलासपुर में संयुक्त संचालक थे। 2019 में उन्हें प्रतिनियुक्ति पर अटल विहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय बिलासपुर भेजने का आदेश जारी हुआ। श्रीवास्तव ने उच्च न्यायालय में इस आदेश को चुनौती दी। उनका कहना था, प्रतिनियुक्ति पर भेजने से पहले उनकी सहमति नहीं ली गई थी। उच्च न्यायालय ने इसपर स्थगन दे दिया था। जून 2020 में विभाग ने श्रीवास्तव का तबादला संचालनालय कोष, लेखा एवं पेंशन में कर दिया।

घरवालों की चुप्पी
रायपुर पुलिस की टीम मौत की जांच कर रही है लेकिन अब तक घर वालों की तरफ से कोई अहम जानकारी पुलिस से साझा नहीं की गई है। फिलहाल गमगीन परिवार से भी पुलिस ने ज्यादा पूछताछ नहीं की है। कोई संदिग्ध घटना का अंदेशा घर वालों ने नहीं जताया है, फिलहाल पुलिस अब श्रीवास्तव के मोबाइल कॉल की डिटेल निकालकर इस मौत की गुत्थी को सुलझाने की कोशिश में लगी हुई है। नागपुर से लौटने वाली छत्तीसगढ़ की पुलिस के इनपुट का भी इंतजार जांच से जुड़े अधिकारी कर रहे हैं।