छत्तीसगढ़

एसईसीएल: पेंशन के लिए भटक रहे दिवंगत कोल कर्मियों के आश्रित, आंदोलन की तैयारी

बिलासपुर।  सेवानिवृत्‍त कोयला कर्मियों के निधन उपरांत उनकी पत्नी को पेंशन शुरू कराने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। प्रक्रिया काफी जटिल होने की वजह से कई आश्रितों को पेंशन नहीं मिल पा रहा। पेंशन भुगतान की प्रक्रिया को सरल बनाने का प्रस्ताव रखा गया है, पर कोल माइंस प्राविडेंट फंड (सीएमपीएफओ) ने अभी तक पहल शुरू नहीं की है। इससे पेंशनधारियों में असंतोष व्याप्त है।

साउथ इस्टर्न कोल फिल्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) समेत कोल इंडिया लिमिटेड की अन्य आनुषांगिक कंपनी से सेवानिवृत्‍त हुए अधिकारी- कर्मचारियों को पेंशन भुगतान सीएमपीएफओ के माध्यम से होता है। सीआईएल से सेवानिवृत कर्मियों की सूची सीएमपीएफओ को भेज दिया जाता है। वर्ष 1994 से पेंशन योजना लागू की गई। इसमें हर तीन वर्ष में समीक्षा होना था, पर अभी तक समीक्षा नहीं हो सकी।

22 वर्ष बीतने के बाद भी समीक्षा नहीं होने से पेंशनरों को नुकसान झेलना पड़ रहा है। पेंशनर एसोसियेशन ने इस मुद्दे को लेकर अब आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी है। एसोसियेशन का कहना है कि सबसे ज्यादा परेशानी विधवा पेंशन शुरू कराने में हो रही है। समीक्षा नहीं होने की वजह से पेंशनर के निधन होने पर उनकी पत्नी को पेंशन चालू कराने कार्यालय का चक्कर काटना पड़ता है।

पेंशनर एसोसिएशन के संयोजक पीके सिंह राठौर ने कहा कि सीएमपीएफ 1998 के वादे के अनुपालन की लगातार उपेक्षा के कारण धरना प्रदर्शन की स्थिति उत्पन्न हुई है। इस संबंध में कोयला मंत्री व वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र लिखा गया, पर अब तक ठोस निर्णय नहीं निकल सका। एसोसिएशन ने पत्राचार कर आवश्यक सुधार करने का सुझाव रखा था, पर इसे भी अनसुना कर दिया जाएगा। एसोसिएशन ने एक- दूसरे की समस्या और बाधाओं को समझने के लिए एक समन्वयक नियुक्ति करने की मांग की है। ताकि समस्या का समाधान किया जा सके, अधिकारियों की अनदेखी से यह मामला लटका हुआ।

15 फरवरी को देंगे धरना

आल इंडिया कोल पेंशनर्स एसोसिएशन ने पत्र लिख कर कहा है कि पेंशनभोगियों की विधवाओं, दिवंगत कोयला पेंशनरों की विधवा व विधुर पेंशन की प्रक्रिया के सरलीकरण करने का प्रस्ताव रखा गया था, पर अभी तक इस पर पहल नहीं हो सकी। इसके साथ ही पेंशन में वृद्धि व समान ग्रेड-समान पेंशन को अपनाने समेत अन्य मुद्दों को लेकर आंदोलन का रास्ता अख्तियार करना पड़ रहा है। पेंशनर्स एसोसिएशन की अगुवाई में सभी पेंशनर 15 फरवरी को सीएमपीएफओ कार्यालय धनबाद के समक्ष पहले चरण में एक दिवसीय धरना देंगे। इसके बाद भी समस्या का निदान नहीं किया जाता है तो उग्र आंदोलन का रास्ता अख्तियार किया जाएगा।