छत्तीसगढ़

LIVE Farmers Protest: अमित शाह का प्रस्ताव मानने को तैयार नहीं किसान, सिंघु बॉर्डर पर ही डटे, आज फिर बैठक


कृषि कानूनों को लेकर लगातार तीन दिनों से आंदोलनरत किसान रविवार को भी अपना प्रदर्शन जारी रखने को लेकर अडिग हैं। किसान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का यह प्रस्ताव मानने को तैयार नहीं हैं कि पहले वे शांतिपूर्वक बुराडी के निरंकारी मैदान में शिफ्ट हों तो सरकार दूसरे ही दिन उनसे बात करेगी। शनिवार को रात भर दिल्ली-हरियाणा को जोड़ने वाले सिंघु बॉर्डर पर सुरक्षाबलों की तैनाती रही। किसानों ने कल ही स्पष्ट कर दिया था कि वो यहां से कहीं नहीं जाएंगे। आज 11 बजे एक बार फिर सिंघु बॉर्डर पर ही किसानों की बैठक होगी, जिसमें आगे की रणनीति पर चर्चा होगी।


मायावती ने किया ट्वीट- कानूनों पर केंद्र पुनर्विचार कर ले तो बेहतर

किसान आंदोलन को लेकर मायावती ने रविवार को ट्वीट किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा कृषि से संबंधित हाल में लागू किए गए तीन कानूनों को लेकर अपनी असहमति जताते हुए पूरे देश में किसान काफी आक्रोशित व आंदोलित भी हैं। इसके मद्देनजर, किसानों की आम सहमति के बिना बनाए गए, इन कानूनों पर केंद्र सरकार अगर पुनर्विचार कर ले तो बेहतर।
 


कानून वापस नहीं लिए जाने तक विरोध जारी रहेगा: टिकैत

मेरठ से दिल्ली कूच कर रहे भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने यूपी बॉर्डर पर पहुंचने से पहले राजधानी में डेरा डालने का इशारा किया है। उन्होंने कहा कि हमारे बड़े-बुजुर्ग कह रहे हैं इसलिए दिल्ली की 26 जनवरी की परेड जरूर देखेंगे। अबकी किसान दिल्ली में 26 जनवरी और 15 अगस्त सब देखेगा यानी कृषि कानून वापस नहीं लिए जाने तक भाकियू केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध जारी रहेगा।


गृहमंत्री की शर्त ठीक नहीं है: किसान

बैठकर प्रदर्शन कर रहे किसानों से बुराड़ी शिफ्ट होने की अपील करने के कारण प्रदर्शनकारी किसान नाखुश हैं। उनका कहना है कि गृहमंत्री की यह शर्त ठीक नहीं है। किसान आज बैठक करने के बाद अपने आंदोलन को लेकर फैसला लेंगे कि उन्हें शाह की शर्त माननी है या नहीं।

अमित शाह के प्रस्ताव को मानने को तैयार नहीं किसान


केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा है कि भारत सरकार किसानों से बात करने के लिए तैयार है लेकिन इसके लिए शर्त ये है कि किसान शांतिपूर्ण ढंग से बुराड़ी में प्रदर्शन करें। उनका कहना है कि जिस दिन आप बुराड़ी के निरंकारी समागम ग्राउंड में शिफ्ट होंगे उसके अगले ही दिन सरकार आपसे बात करेगी। लेकिन किसान उनके प्रस्ताव को मानने के लिए तैयार नहीं हैं।