छत्तीसगढ़

कवर्धा: भोपाल से पिता का शव लेकर जांजगीर जा रही कोरोना संक्रमित बेटी को बॉर्डर पर रोका, रोते हुए बोली- हमें जाने दो

  • कोरोना संक्रमण की वजह से जांजगीर कलेक्टर ने नहीं दी आने की अनुमति, दावा- परिजन के पास नहीं थे वैलिड डॉक्यूमेंट
  • कर्वधा के जिला प्रशासन ने आगे जाने नहीं दिया, 8 घंटे तक बोड़ला के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पड़ा रहा शव

कवर्धा/जांजगीर। कवर्धा के बोड़ला स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बाहर 8 घंटे तक एक मृत बुजुर्ग का शव गाड़ी में पड़ा रहा। मृतक की कोरोना पॉजिटिव बेटी व अन्य परिजन रो-रोकर जांजगीर जाने की मांग जिला प्रशासन से करते रहे। मगर कोरोना संक्रमण के खतरे की वजह से यहां से उन्हें आगे जाने नहीं दिया गया। यह परिवार भोपाल से लौट रहा था। बुजुर्ग की मौत को करीब 48 घंटे हो चुके थे। जिला प्रशासन के अधिकारियों से मृतक की बेटी रोकर कहती रही- उनकी बॉडी सड़ जाएगी, मरते-मरते पापा ने कहा था मुझे घर ले जाना। हमें जाने दो प्लीज, मैं क्या करूं..। मृतक के परिजन काफी देर तक परेशान होते रहे, पूछते रहे कि किस नियम के तहत इन्हें घर जाने से रोका जा रहा है।

न कवर्धा न जांजगीर, मुंगेली में हुआ अंतिम संस्कार
युवती की बातों का जिला प्रशासन पर कोई असर नहीं हुआ। वो कहते रहे कि जांजगीर कलेक्टर ने इन्हें आगे ना जाने को कहा है। जांच में मृतक की बेटी कोरोना पॉजिटिव पाई गई थी। कबीरधाम जिला प्रशासन ने इन्हें लौटने को कह दिया। अंत में फास्टरपुर (मुंगेली) में शव का अंतिम संस्कार करवाया गया। पॉजिटिव मिली मृतक की बेटी को इलाज के लिए कोविड केयर सेंटर कबीरधाम में शिफ्ट कराया गया। अन्य परिजन मुंगेली में किसी रिश्तेदार के यहां रुकेंगे। इस परिवार के साथ ही आ रहे प्रशांत कौशिक ने बताया कि मृतक के बेटी और दामाद भोपाल (मप्र) में रहते हैं। शादी में शामिल होने बुजुर्ग गए थे। 30 जुलाई की रात को अचानक तबियत बिगड़ने पर बुजुर्ग की मौत हो गई।

जांजगीर में अलर्ट
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इस परिवार के जांजगीर जाने की जानकारी मोहल्ले के लोगों ने पुलिस को दे दी। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारी अलर्ट हो गए। एसडीएम मेनका प्रधान, तहसीलदार प्रकाशचंद्र साहू, एसडीओपी, टीआई लखेश केंवट, नगर पालिका अध्यक्ष भगवानदास गढ़ेवाल रात में ही इनके मोहल्ले गए। लोग इनके संक्रमित परिजन के साथ लाए जा रहे शव का विरोध कर रहे थे। जांजगीर प्रशासन के मुताबिक अफसरों ने भी परिजन से बात की मगर वो पैतृक निवास से ही अंतिम संस्कार करने की जिद पर अड़े थे।

क्या कहा कलेक्टर्स ने
कवर्धा के कलेक्टर रमेश कुमार शर्मा ने बताया कि जांजगीर जिला प्रशासन ने परिजन को जांजगीर आने की अनुमति नहीं दी है । कोविड- 19 से जुड़ा हुआ मामला है, इसलिए हम ऐहतियात बरत रहे हैं । शव का अंतिम संस्कार मुंगेली जिले के फास्टरपुर में करने को लेकर सहमति बनी । इस संबंध में मुंगेली कलेक्टर से मेरी बात भी हो चुकी है । शव के साथ आए एक परिजन कोरोना पॉजिटिव पाया गया है । उसे हमने महराजपुर कोविड केयर में शिफ्ट किया है ।

जांजगीर के कलेक्टर यशवंत कुमार ने कहा कि जो आ रहे हैं उन्होंने हमसे परमिशन नहीं लिया है। उनके पास कोरबा जिले का ई पास है। उन्होंने लिखित में दिया है कि उनके साथ कोविड पॉजिटिव उनकी बेटी आ रही है। हमने उन्हें मना किया है, इसके बाद भी वे आ रहीं हैं। उनके पास मृतक का डेथ सर्टिफिकेट भी नहीं है। यदि उनकी डेथ कोविड 19 से हुई होगी तो हमारे जिले के लिए समस्या बढ़ जाएगी। इसलिए उन्हें जिले में आने की अनुमति नहीं दी गई ।